बतख पालन के साथ धान, अजोला की खेती करके किसान कमा सकते है अच्छा मुनाफा

बतख पालन आज के समय में किसानो के लिए अच्छी कमाई का जरिया बन गया है।

कम समय और कम जगह में अधिक उत्पादन संभव होता है, जिससे किसानों की आय बढ़ती है।

– धान और अजोला की खेती के लिए ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है, और बतख पालन के लिए भी पानी की जरूरत होती है।

– अजोला का उपयोग हरी खाद के रूप में किया जाता है, जो वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिर कर इसे पत्तियों में जमा करता है।

– बतख पालन के लिए घास के मैदान और तालाब जैसे प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग किया जाता है।

– बतख पालन, धान और अजोला की खेती से मीथेन उत्सर्जन कम होता है और ग्लोबल वार्मिंग में भी कमी आती है।

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