स्वचलित वर्टिकल कन्वेयर रीपर के फीचर्स और सब्सिड़ी से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी

इसी कारण कृषि कार्यों में मशीनों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। विशेष रूप से हार्वेस्टर का उपयोग गेहूं और धान जैसी फसलों की कटाई के लिए अधिक लोकप्रिय हो गया है।

– यह इंजन संचालित मशीन होती है, जिसे चलाने के लिए किसान को मशीन के पीछे चलना पड़ता है। यह गेहूं, धान और तिलहन जैसी फसलों की कटाई के लिए उपयुक्त है।

– इस यंत्र की लंबाई लगभग 2570 मिमी, चौड़ाई 1850 मिमी और ऊँचाई 1250 मिमी होती है। इसका वजन 85 से 145 किलोग्राम के बीच हो सकता है।

– केंद्र सरकार की सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन योजना के तहत किसानों को इस यंत्र पर सब्सिडी प्रदान की जाती है।

बाजार में विभिन्न कंपनियों के स्वचालित वर्टिकल कन्वेयर रीपर कृषि यंत्र उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत लगभग ₹80,000 से ₹1,30,000 तक हो सकती है।

किसानों को अब सब्सिड़ी पर मिलेंगे प्रमाणित उन्नत बीज