महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस ने सितंबर 2026 के ट्रैक्टर बिक्री आंकड़े जारी किए हैं। कंपनी के अनुसार, सितंबर में घरेलू बाजार में कुल 50,208 ट्रैक्टर बेचे गए। पिछले साल सितंबर 2025 में घरेलू बिक्री 64,946 यूनिट रही थी। इस तरह सालाना आधार पर घरेलू ट्रैक्टर बिक्री में 23 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। यानी इस बार कंपनी ने पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 14,738 कम ट्रैक्टर बेचे।
हालांकि, कंपनी के मुताबिक सितंबर की बिक्री में आई कमी को समझने के लिए मौजूदा बाजार परिस्थितियों के साथ-साथ पिछले साल के मजबूत बिक्री आधार को भी ध्यान में रखना जरूरी है। खास बात यह है, कि इस वर्ष त्योहारी सीजन की शुरुआत अक्टूबर में हो रही है, जबकि सितंबर 2025 में ही त्योहारी मांग शुरू हो गई थी।
इसके कारण दोनों महीनों की बिक्री की सीधी तुलना करने पर अंतर अधिक दिखाई दे सकता है। सितंबर के आंकड़े बताते हैं कि ट्रैक्टर बाजार में मौसमी मांग का असर बिक्री पर महत्वपूर्ण रूप से पड़ा है।
सितंबर 2026 में महिंद्रा की घरेलू ट्रैक्टर बिक्री 50,208 यूनिट रही, जबकि सितंबर 2025 में कंपनी ने घरेलू बाजार में 64,946 ट्रैक्टर बेचे थे। इस तरह एक साल में बिक्री में 14,738 यूनिट की कमी आई और सालाना गिरावट 23 प्रतिशत रही। हालांकि, कंपनी ने इस आंकड़े को केवल मांग में कमजोरी के रूप में नहीं देखा है। सितंबर 2025 में ट्रैक्टर बिक्री पहले से ही मजबूत स्तर पर थी। उस समय जीएसटी दर में कटौती लागू होने से ट्रैक्टरों की खरीदारी को अतिरिक्त प्रोत्साहन मिला था।
इसके चलते पिछले वर्ष का बिक्री आधार काफी ऊंचा रहा। ऐसे मजबूत आधार के मुकाबले चालू वर्ष की बिक्री में प्रतिशत गिरावट स्वाभाविक रूप से अधिक दिखाई दे सकती है। इसके अलावा, सितंबर 2026 में ग्राहक त्योहारी खरीदारी के लिए अक्टूबर का इंतजार करते नजर आए।
ट्रैक्टर जैसी बड़ी कृषि मशीनरी की खरीदारी में किसान अक्सर फसल, मौसम, कृषि आय और त्योहारी अवधि को ध्यान में रखते हैं। इसलिए सितंबर में कम बिक्री को समझने के लिए इन सभी परिस्थितियों को साथ में देखना जरूरी है।
महिंद्रा के सितंबर बिक्री आंकड़ों में त्योहारी सीजन की टाइमिंग एक महत्वपूर्ण कारक रही। कंपनी के अनुसार, पिछले वर्ष त्योहारी खरीदारी सितंबर में शुरू हो गई थी, जबकि इस वर्ष प्रमुख त्योहारी मांग अक्टूबर में शुरू होने की उम्मीद है। ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों की बिक्री के लिए त्योहारी अवधि काफी महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में खरीदारी की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। किसान नई मशीनरी खरीदने या पुराने उपकरणों को बदलने के लिए त्योहारी समय को उपयुक्त मान सकते हैं।
इस वजह से सितंबर 2025 में कंपनी को त्योहारी मांग का फायदा मिला था, जबकि सितंबर 2026 में वही मांग अक्टूबर की ओर शिफ्ट हो गई। ऐसे में केवल सितंबर के आंकड़े देखकर पूरे त्योहारी सीजन की मांग का आकलन करना उचित नहीं होगा। सितंबर और अक्टूबर को एक साथ देखने पर बिक्री की तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकती है। कंपनी के बयान में भी त्योहारी सीजन की समय-सारणी में बदलाव को सालाना बिक्री तुलना प्रभावित करने वाला प्रमुख कारण बताया गया है।
महिंद्रा की सितंबर 2026 की बिक्री में दर्ज सालाना गिरावट का दूसरा महत्वपूर्ण कारण पिछले वर्ष का ऊंचा बेस है। सितंबर 2025 में जीएसटी दर में कटौती लागू होने के बाद ट्रैक्टर बाजार में खरीदारी को अतिरिक्त गति मिली थी।
परिणामस्वरूप कंपनी की घरेलू बिक्री 64,946 यूनिट के मजबूत स्तर पर पहुंच गई थी। जब किसी कंपनी की मौजूदा बिक्री की तुलना ऐसे असाधारण रूप से मजबूत आधार से की जाती है, तो सालाना प्रतिशत गिरावट बड़ी दिखाई दे सकती है।
सितंबर 2026 में घरेलू बिक्री 50,208 यूनिट रही, लेकिन इस आंकड़े को केवल 23 प्रतिशत की गिरावट के संदर्भ में देखना पूरी तस्वीर नहीं देता। पिछले साल की नीतिगत परिस्थितियां और इस साल त्योहारी मांग के अक्टूबर में स्थानांतरित होने जैसे कारकों ने तुलना को प्रभावित किया है।
इसलिए सितंबर की बिक्री रिपोर्ट में कंपनी के मासिक आंकड़े के साथ पिछले वर्ष के बेस इफेक्ट को भी समझना जरूरी है। यह स्थिति खासतौर पर ऑटो और ट्रैक्टर जैसे मौसमी कारोबार में महत्वपूर्ण होती है, जहां बिक्री एक महीने से दूसरे महीने में काफी बदल सकती है।
जहां घरेलू बाजार में महिंद्रा की ट्रैक्टर बिक्री में गिरावट दर्ज हुई, वहीं निर्यात कारोबार ने सितंबर 2026 में मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी ने सितंबर में 1,892 ट्रैक्टरों का निर्यात किया। सितंबर 2025 में निर्यात 1,165 यूनिट रहा था।
इस तरह एक साल में निर्यात बिक्री 727 यूनिट बढ़ी और सालाना आधार पर इसमें 62 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। कंपनी के आंकड़ों में सीकेडी यानी Completely Knocked Down यूनिट्स भी शामिल हैं। निर्यात में यह बढ़ोतरी घरेलू बाजार में आई गिरावट के मुकाबले एक सकारात्मक पहलू रही।
हालांकि, कुल बिक्री में घरेलू बाजार का योगदान अभी भी काफी बड़ा है, इसलिए निर्यात में मजबूत वृद्धि घरेलू बिक्री की पूरी कमी की भरपाई नहीं कर सकी। इसके बावजूद सितंबर के आंकड़े बताते हैं कि कंपनी के अंतरराष्ट्रीय कारोबार में इस महीने अच्छी गति देखने को मिली। अलग-अलग बाजारों में कृषि गतिविधियों, मांग की स्थिति और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर ट्रैक्टरों की बिक्री में बदलाव हो सकता है। इसलिए निर्यात में 62 प्रतिशत की वृद्धि कंपनी के सितंबर प्रदर्शन का एक प्रमुख हिस्सा रही।
सितंबर 2026 में महिंद्रा के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस की घरेलू बिक्री और निर्यात को मिलाकर कुल ट्रैक्टर बिक्री 52,100 यूनिट रही। इसमें 50,208 ट्रैक्टर घरेलू बाजार में और 1,892 ट्रैक्टर निर्यात किए गए। सितंबर 2025 में कंपनी की कुल ट्रैक्टर बिक्री 66,111 यूनिट रही थी। इस तरह कुल बिक्री में सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। घरेलू बिक्री में 23 प्रतिशत की गिरावट के मुकाबले निर्यात में 62 प्रतिशत की वृद्धि ने कुल गिरावट को कुछ हद तक सीमित किया।
आंकड़ों से स्पष्ट है कि महिंद्रा के ट्रैक्टर कारोबार में घरेलू बाजार की भूमिका अभी भी सबसे बड़ी है। इसलिए घरेलू बिक्री में होने वाला बदलाव कुल मासिक बिक्री पर सीधा असर डालता है। दूसरी ओर, निर्यात कारोबार में दर्ज मजबूत वृद्धि कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत रही। सितंबर की कुल बिक्री को देखें तो कंपनी ने एक महीने में 52 हजार से अधिक ट्रैक्टर बेचे, लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में त्योहारों की टाइमिंग और मजबूत बेस के कारण सालाना आंकड़ा नीचे रहा।
मासिक बिक्री में गिरावट के बावजूद वित्त वर्ष 2026-27 के सितंबर तक महिंद्रा के संचयी ट्रैक्टर बिक्री आंकड़े सकारात्मक रहे। कंपनी ने अप्रैल से सितंबर 2026 की अवधि में घरेलू बाजार में कुल 2,62,872 ट्रैक्टर बेचे। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में घरेलू बिक्री 2,47,336 यूनिट रही थी। इस आधार पर घरेलू संचयी बिक्री में 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। इसी अवधि में कंपनी का ट्रैक्टर निर्यात 9,689 यूनिट से बढ़कर 11,196 यूनिट हो गया, यानी निर्यात में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
घरेलू बिक्री और निर्यात को मिलाकर सितंबर 2026 तक वित्त वर्ष 2026-27 में कुल बिक्री 2,74,068 ट्रैक्टर रही। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 2,57,025 यूनिट था। इस तरह कुल संचयी बिक्री में 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इससे स्पष्ट होता है कि सितंबर में मासिक बिक्री कमजोर रहने के बावजूद वित्त वर्ष के शुरुआती छह महीनों का कुल प्रदर्शन पिछले साल की तुलना में बेहतर रहा है।
महिंद्रा समूह की स्थापना 1945 में हुई थी और कंपनी का कारोबार कई देशों तथा विभिन्न क्षेत्रों में फैला हुआ है। फार्म इक्विपमेंट बिजनेस महिंद्रा के प्रमुख कारोबारों में शामिल है और कंपनी कृषि मशीनरी तथा ट्रैक्टरों के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी हुई है।
सितंबर 2026 की बिक्री रिपोर्ट में एक तरफ घरेलू बाजार में मासिक आधार पर 23 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली, वहीं दूसरी तरफ निर्यात में 62 प्रतिशत की वृद्धि और वित्त वर्ष की संचयी बिक्री में 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई। इससे कंपनी के ट्रैक्टर कारोबार की तस्वीर अलग-अलग समय अवधि में अलग दिखाई देती है।
सितंबर की मासिक बिक्री पर त्योहारी सीजन के अक्टूबर में स्थानांतरित होने और सितंबर 2025 के मजबूत बेस का असर रहा। वहीं वित्त वर्ष के संचयी आंकड़े बताते हैं कि अप्रैल से सितंबर तक कुल बिक्री पिछले वर्ष की समान अवधि से आगे रही। इसलिए सितंबर 2026 के बिक्री आंकड़ों को समझने के लिए घरेलू बाजार, निर्यात, मौसमी मांग, जीएसटी प्रभाव और संचयी वित्त वर्ष के आंकड़ों को एक साथ देखना महत्वपूर्ण है।
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