भारतीय ट्रैक्टर उद्योग ने मई 2026 में एक मजबूत प्रदर्शन दर्ज करते हुए रिटेल बिक्री के नए आंकड़े स्थापित किए हैं। किसानों की बढ़ती खरीदारी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार और कृषि गतिविधियों में तेजी के चलते ट्रैक्टरों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली। मई 2026 में देशभर में कुल 83,092 ट्रैक्टरों की रिटेल बिक्री दर्ज की गई, जबकि मई 2025 में यह संख्या 74,744 यूनिट्स थी।
इस प्रकार उद्योग ने साल-दर-साल लगभग 11.18 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की। हाल ही में जारी हुई FADA (फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन) की रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि प्रमुख ट्रैक्टर निर्माताओं ने अपनी बाजार हिस्सेदारी मजबूत की है, जबकि कई छोटे ब्रांडों को प्रतिस्पर्धा में पिछड़ना पड़ा है।
महिंद्रा & महिंद्रा ने मई 2026 में भी भारतीय ट्रैक्टर बाजार में अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखी। कंपनी ने इस दौरान 19,077 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने में उसने 16,519 यूनिट्स बेची थीं।
इस प्रकार कंपनी ने 15.48 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की। इसके साथ ही महिंद्रा का मार्केट शेयर भी 22.10 प्रतिशत से बढ़कर 22.96 प्रतिशत हो गया। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि किसानों के बीच महिंद्रा ट्रैक्टरों की विश्वसनीयता और लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
स्वराज ने भी मई 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 15,205 ट्रैक्टरों की बिक्री दर्ज की। मई 2025 में यह आंकड़ा 13,649 यूनिट्स था। कंपनी ने सालाना आधार पर 11.40 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की। हालांकि मार्केट शेयर में बहुत बड़ा बदलाव नहीं देखा गया और यह 18.26 प्रतिशत से बढ़कर 18.30 प्रतिशत पर पहुंच गया। फिर भी स्वराज ने भारतीय किसानों के बीच अपनी मजबूत पहचान को कायम रखा और उद्योग में दूसरा स्थान सुरक्षित रखा।
सोनालीका ट्रैक्टर्स ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी ने मई 2026 में 11,120 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जबकि मई 2025 में यह आंकड़ा 9,865 यूनिट्स था। इस तरह कंपनी ने 12.72 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। इसके साथ ही सोनालीका का मार्केट शेयर 13.20 प्रतिशत से बढ़कर 13.38 प्रतिशत हो गया। ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती पहुंच और विभिन्न HP श्रेणियों में उपलब्ध मॉडलों ने कंपनी की बिक्री को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
TAFE मई 2026 की रिपोर्ट में सबसे बड़ी सफलता की कहानी बनकर उभरी। कंपनी ने मई 2025 की 7,503 यूनिट्स के मुकाबले मई 2026 में 10,659 ट्रैक्टरों की बिक्री दर्ज की।
यह 42.06 प्रतिशत की शानदार वृद्धि है, जो प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों में सबसे अधिक रही। कंपनी का मार्केट शेयर भी 10.04 प्रतिशत से बढ़कर 12.83 प्रतिशत हो गया। यानी बाजार हिस्सेदारी में 2.79 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो इस अवधि में सबसे अधिक रही। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि कंपनी ने किसानों के बीच अपनी स्वीकार्यता तेजी से बढ़ाई है।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा ने मई 2026 में 9,539 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में कंपनी ने 8,172 यूनिट्स बेची थीं। इस प्रकार कंपनी ने 16.72 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। मार्केट शेयर भी 10.93 प्रतिशत से बढ़कर 11.48 प्रतिशत हो गया। आधुनिक तकनीक और उन्नत फीचर्स वाले ट्रैक्टरों की बढ़ती मांग ने कंपनी को इस वृद्धि हासिल करने में मदद की।
जॉन डियर ने मई 2026 में कुल 6,039 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जो मई 2025 की 5,900 यूनिट्स से थोड़ा अधिक रही। कंपनी ने 2.35 प्रतिशत की मामूली वृद्धि दर्ज की, लेकिन प्रतिस्पर्धा बढ़ने के कारण उसका मार्केट शेयर 7.89 प्रतिशत से घटकर 7.27 प्रतिशत पर आ गया। इससे पता चलता है कि बिक्री बढ़ने के बावजूद अन्य कंपनियों की तेज वृद्धि के मुकाबले जॉन डियर अपनी बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने में सफल नहीं रही।
आयशर ने मई 2026 में 4,922 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जबकि मई 2025 में यह आंकड़ा 4,450 यूनिट्स था। कंपनी ने 10.60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो उद्योग की औसत वृद्धि के करीब रही। हालांकि मार्केट शेयर में मामूली गिरावट दर्ज की गई और यह 5.95 प्रतिशत से घटकर 5.92 प्रतिशत रह गया। इसके बावजूद आयशर ने अपनी स्थिर उपस्थिति बनाए रखी।
न्यू हॉलैंड ने मई 2026 में 3,857 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 3,103 यूनिट्स था। कंपनी ने 24.29 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि हासिल की। इसके परिणामस्वरूप उसका मार्केट शेयर 4.15 प्रतिशत से बढ़कर 4.64 प्रतिशत हो गया। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि कंपनी धीरे-धीरे भारतीय ट्रैक्टर बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर रही है।
FADA रिपोर्ट के अनुसार "अन्य" श्रेणी में शामिल छोटे और क्षेत्रीय ट्रैक्टर ब्रांडों को सबसे अधिक नुकसान हुआ। मई 2025 में जहां इस श्रेणी की कुल बिक्री 5,583 यूनिट्स थी, वहीं मई 2026 में यह घटकर केवल 2,674 यूनिट्स रह गई।
इससे 52.10 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज हुई। इसी के साथ इन कंपनियों का संयुक्त मार्केट शेयर 7.47 प्रतिशत से घटकर केवल 3.22 प्रतिशत रह गया। यह संकेत देता है कि बाजार में बड़ी कंपनियों की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है और छोटे खिलाड़ियों के लिए प्रतिस्पर्धा कठिन होती जा रही है।
मई 2026 की FADA रिटेल रिपोर्ट स्पष्ट रूप से दिखाती है कि भारतीय ट्रैक्टर उद्योग मजबूत विकास के दौर से गुजर रहा है। कृषि गतिविधियों में तेजी, बेहतर मानसून की उम्मीद, ग्रामीण आय में सुधार और खेती के आधुनिकीकरण ने ट्रैक्टरों की मांग को बढ़ावा दिया है।
महिंद्रा, स्वराज, सोनालीका, TAFE और एस्कॉर्ट्स कुबोटा जैसी बड़ी कंपनियों ने न केवल अपनी बिक्री बढ़ाई, बल्कि बाजार हिस्सेदारी में भी सुधार किया। वहीं, छोटे ब्रांडों की हिस्सेदारी में लगातार गिरावट देखने को मिली। कुल मिलाकर मई 2026 में 83,092 ट्रैक्टरों की बिक्री यह दर्शाती है कि भारतीय कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण की रफ्तार लगातार बढ़ रही है और आने वाले महीनों में भी उद्योग से सकारात्मक प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है।
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साथ ही स्वराज, महिंद्रा, न्यूहॉलैंड, और कुबोटा जैसी प्रमुख कंपनियों के ट्रैक्टरों की पूरी जानकारी भी यहां प्राप्त होती है।