भारतीय ट्रैक्टर उद्योग के लिए जून 2026 का महीना काफी सकारात्मक रहा। कृषि गतिविधियों में तेजी, समय पर मानसून की शुरुआत, खरीफ सीजन की बुवाई और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती मांग के चलते अधिकांश ट्रैक्टर कंपनियों ने पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर बिक्री दर्ज की।
उद्योग के कुल आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में 1,00,818 ट्रैक्टरों की बिक्री हुई, जबकि जून 2025 में यह आंकड़ा 80,456 यूनिट था। यानी इस वर्ष ट्रैक्टर उद्योग ने लगभग 25.3% की सालाना (YoY) वृद्धि दर्ज की। लगभग सभी प्रमुख ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों ने बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हासिल की, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारतीय कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण की मांग लगातार मजबूत हो रही है।
जून 2026 के दौरान भारतीय ट्रैक्टर उद्योग ने एक लाख यूनिट का आंकड़ा पार करते हुए 1,00,818 ट्रैक्टरों की बिक्री दर्ज की। पिछले वर्ष की समान अवधि में कुल 80,456 यूनिट ट्रैक्टर बिके थे।
इस प्रकार उद्योग ने करीब 20,362 अतिरिक्त ट्रैक्टरों की बिक्री की। खरीफ फसलों की बुवाई, किसानों की बेहतर आय की उम्मीद, आसान फाइनेंस सुविधा और कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने वाली सरकारी योजनाओं ने ट्रैक्टर बाजार को मजबूती प्रदान की। इस सकारात्मक माहौल का लाभ लगभग सभी प्रमुख कंपनियों को मिला।
महिंद्रा एंड महिंद्रा (Tractor Division) ने जून 2026 में भी भारतीय ट्रैक्टर बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी। कंपनी ने 24,327 ट्रैक्टरों की बिक्री दर्ज की, जो कुल बाजार का 24.13% मार्केट शेयर है।
जून 2025 में कंपनी ने 17,518 यूनिट बेची थीं और उस समय उसका मार्केट शेयर 21.77% था। यानी कंपनी ने एक वर्ष में लगभग 6,809 अतिरिक्त ट्रैक्टर बेचे और बाजार हिस्सेदारी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि महिंद्रा के ट्रैक्टर किसानों के बीच अपनी विश्वसनीयता, मजबूत नेटवर्क और बेहतर तकनीक के कारण लगातार लोकप्रिय बने हुए हैं।
महिंद्रा एंड महिंद्रा की स्वराज डिवीजन ने भी जून 2026 में शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी ने 18,860 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जबकि जून 2025 में यह आंकड़ा 14,292 यूनिट था।
कंपनी का मार्केट शेयर बढ़कर 18.71% हो गया, जो पिछले वर्ष 17.76% था। यह वृद्धि दर्शाती है कि स्वराज ट्रैक्टर विशेष रूप से उत्तर भारत और ग्रामीण बाजारों में किसानों की पहली पसंद बने हुए हैं। मजबूत इंजन, कम रखरखाव लागत और भरोसेमंद प्रदर्शन इसकी लोकप्रियता का प्रमुख कारण हैं।
इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड (ITL), जो सोनालीका ट्रैक्टर का निर्माण करती है, ने जून 2026 में 13,184 ट्रैक्टरों की बिक्री दर्ज की। पिछले वर्ष इसी महीने कंपनी ने 10,432 यूनिट बेची थीं।
कंपनी का मार्केट शेयर 12.97% से बढ़कर 13.08% हो गया। लगातार बढ़ती बिक्री यह साबित करती है कि सोनालीका अपने आधुनिक फीचर्स, प्रतिस्पर्धी कीमत और बेहतर प्रदर्शन के कारण देशभर के किसानों का भरोसा जीत रही है।
TAFE लिमिटेड, जो मैसी फर्ग्यूसन और आयशर जैसे लोकप्रिय ब्रांडों से जुड़ी है, ने जून 2026 में 12,069 ट्रैक्टरों की बिक्री की। जून 2025 में कंपनी की बिक्री 9,816 यूनिट रही थी।
हालांकि बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज हुई, लेकिन कंपनी का मार्केट शेयर 12.20% से थोड़ा घटकर 11.97% रह गया। इसका कारण अन्य कंपनियों की अपेक्षाकृत तेज बिक्री वृद्धि रही। इसके बावजूद TAFE भारतीय ट्रैक्टर बाजार की प्रमुख कंपनियों में अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है।
Escorts Kubota Limited (Agri Machinery Group) ने जून 2026 में 10,371 ट्रैक्टरों की बिक्री दर्ज की, जबकि जून 2025 में कंपनी ने 8,449 यूनिट बेची थीं। कंपनी का मार्केट शेयर 10.50% से मामूली घटकर 10.29% रहा।
हालांकि हिस्सेदारी में हल्की कमी आई, लेकिन वास्तविक बिक्री में लगभग 23% की वृद्धि कंपनी के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाती है। आधुनिक तकनीक और प्रीमियम फीचर्स वाले ट्रैक्टरों की मांग ने कंपनी को अच्छा समर्थन दिया।
John Deere India ने जून 2026 में 7,165 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 6,178 यूनिट की बिक्री हुई थी। कंपनी का मार्केट शेयर 7.68% से घटकर 7.11% रहा। इसके बावजूद बिक्री में हुई वृद्धि यह दर्शाती है कि प्रीमियम और उच्च क्षमता वाले ट्रैक्टरों की मांग लगातार बनी हुई है और जॉन डियर किसानों के बीच अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है।
Eicher Tractors ने जून 2026 में 6,219 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जो जून 2025 के 4,860 यूनिट की तुलना में काफी अधिक है। कंपनी का मार्केट शेयर 6.04% से बढ़कर 6.17% हो गया। यह वृद्धि बताती है कि किफायती कीमत, कम ईंधन खपत और विश्वसनीय प्रदर्शन के कारण आयशर ट्रैक्टरों की मांग लगातार बढ़ रही है।
CNH Industrial (India) Pvt. Ltd., जिसके अंतर्गत न्यू हॉलैंड जैसे लोकप्रिय ट्रैक्टर ब्रांड आते हैं, ने जून 2026 में 4,667 ट्रैक्टरों की बिक्री की। जून 2025 में कंपनी ने 3,468 यूनिट बेची थीं। कंपनी का मार्केट शेयर 4.31% से बढ़कर 4.63% हो गया। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि कंपनी लगातार अपने उत्पाद पोर्टफोलियो और डीलर नेटवर्क को मजबूत कर रही है।
"Others" श्रेणी में शामिल अन्य ट्रैक्टर निर्माताओं ने जून 2026 में 3,956 ट्रैक्टरों की बिक्री दर्ज की, जबकि जून 2025 में यह आंकड़ा 5,443 यूनिट था। इसी कारण इस श्रेणी का मार्केट शेयर 6.77% से घटकर 3.92% रह गया। इससे स्पष्ट होता है कि इस वर्ष बड़े और स्थापित ब्रांडों ने बाजार में अपनी पकड़ और अधिक मजबूत की है।
जून 2026 के बिक्री आंकड़े यह संकेत देते हैं कि भारतीय ट्रैक्टर उद्योग मजबूत विकास के दौर से गुजर रहा है। खरीफ सीजन की शुरुआत, बेहतर मानसून की उम्मीद, कृषि यंत्रीकरण में बढ़ता निवेश और किसानों की बढ़ती खरीद क्षमता ने ट्रैक्टर बाजार को नई गति दी है।
महिंद्रा, स्वराज और सोनालीका ने अपनी अग्रणी स्थिति को और मजबूत किया, जबकि TAFE, Escorts Kubota, John Deere, Eicher और CNH Industrial ने भी बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की। यदि आने वाले महीनों में कृषि परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं, तो वित्त वर्ष 2026-27 भारतीय ट्रैक्टर उद्योग के लिए एक और रिकॉर्ड वर्ष साबित हो सकता है।
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