फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) द्वारा जारी जनवरी 2026 की रिटेल सेल्स रिपोर्ट के अनुसार, ट्रैक्टर सेगमेंट में शानदार तेजी देखने को मिली है।
जनवरी 2026 में देशभर में 1,14,759 ट्रैक्टरों की खुदरा बिक्री दर्ज की गई, जबकि जनवरी 2025 में यह संख्या 93,386 यूनिट थी। इस तरह सालाना आधार पर 22.90% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई।
यह बढ़ोतरी संकेत देती है कि कृषि क्षेत्र में निवेश और किसानों की खरीद क्षमता मजबूत बनी हुई है। हालांकि अधिकतर कंपनियों की बिक्री बढ़ी है, लेकिन मार्केट शेयर के स्तर पर कुछ ब्रांड्स को बढ़त मिली है तो कुछ को हल्की गिरावट का सामना करना पड़ा है।
महिंद्रा ने जनवरी 2026 में 26,006 ट्रैक्टर बेचे, जो पिछले साल के 22,073 यूनिट के मुकाबले 17.82% अधिक है।
हालांकि बिक्री में बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी का मार्केट शेयर 23.64% से घटकर 22.66% रह गया। यानी कुल बाजार तेजी से बढ़ा, लेकिन प्रतिस्पर्धी ब्रांड्स की ग्रोथ अपेक्षाकृत अधिक रही।
स्वराज डिवीजन ने 21,920 यूनिट की बिक्री के साथ 26.41% की मजबूत वृद्धि दर्ज की। पिछले वर्ष इसी अवधि में कंपनी ने 17,341 ट्रैक्टर बेचे थे।
मार्केट शेयर 18.57% से बढ़कर 19.10% हो गया, जो 0.53% की बढ़त को दर्शाता है। यह प्रदर्शन बताता है कि ग्रामीण बाजार में स्वराज की पकड़ मजबूत हो रही है।
सोनालीका ट्रैक्टर ने जनवरी 2026 में 15,379 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जबकि जनवरी 2025 में 12,296 यूनिट बिकी थीं। कंपनी ने 25.07% की वृद्धि दर्ज की।
मार्केट शेयर लगभग 13% के स्तर से बढ़कर 13.40% तक पहुंच गया, जो ब्रांड की बढ़ती लोकप्रियता का संकेत है।
TAFE ने 13,459 ट्रैक्टरों की बिक्री के साथ 24.13% की वार्षिक वृद्धि हासिल की। पिछले वर्ष कंपनी की बिक्री 10,843 यूनिट थी। मार्केट शेयर 11.61% से बढ़कर 11.73% हुआ, जो स्थिर और सकारात्मक प्रगति को दर्शाता है।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा ने सबसे तेज वृद्धि दर्ज करने वाले प्रमुख ब्रांड्स में स्थान बनाया। कंपनी की बिक्री 9,133 से बढ़कर 12,313 यूनिट हो गई, जो 34.82% की बड़ी छलांग है।
मार्केट शेयर भी 9.78% से बढ़कर 10.73% हो गया। यह कंपनी की मजबूत रणनीति और बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।
जॉन डियर ने 8,082 ट्रैक्टर बेचे, जो पिछले वर्ष के 6,614 यूनिट की तुलना में 22.20% अधिक है। हालांकि मार्केट शेयर 7.08% से घटकर 7.04% रह गया, जो मामूली गिरावट है। कुल मिलाकर कंपनी का प्रदर्शन स्थिर रहा।
आयशर ने 7,815 यूनिट की बिक्री के साथ 31.19% की शानदार वृद्धि दर्ज की। मार्केट शेयर 6.38% से बढ़कर 6.81% हो गया। यह कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत है कि उसकी बाजार हिस्सेदारी लगातार मजबूत हो रही है।
न्यू हॉलैंड ने जनवरी 2026 में 5,387 ट्रैक्टर बेचे, जबकि पिछले वर्ष 4,009 यूनिट की बिक्री हुई थी।
34.37% की वार्षिक वृद्धि के साथ मार्केट शेयर 4.29% से बढ़कर 4.69% हो गया। यह दर्शाता है कि कंपनी तेजी से अपनी उपस्थिति बढ़ा रही है।
अन्य श्रेणी में शामिल कंपनियों को गिरावट का सामना करना पड़ा। बिक्री 5,120 यूनिट से घटकर 4,398 यूनिट रह गई, जो 14.10% की कमी दर्शाती है।
मार्केट शेयर भी 5.48% से गिरकर 3.83% पर आ गया। इससे संकेत मिलता है कि ग्राहक अब स्थापित और भरोसेमंद ब्रांड्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।
जनवरी 2026 की FADA रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि भारतीय ट्रैक्टर बाजार मजबूत गति से आगे बढ़ रहा है। कुल 22.90% की वृद्धि यह दर्शाती है कि कृषि क्षेत्र में मांग और निवेश दोनों बढ़ रहे हैं।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा, न्यू हॉलैंड, आयशर, स्वराज और TAFE जैसे ब्रांड्स ने मार्केट शेयर में उल्लेखनीय बढ़त हासिल की है। वहीं महिंद्रा और जॉन डियर की बिक्री में वृद्धि तो हुई, लेकिन बाजार हिस्सेदारी में हल्की गिरावट देखने को मिली।
कुल मिलाकर, ट्रैक्टर इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है और किसान अब बेहतर तकनीक, ईंधन दक्षता और भरोसेमंद प्रदर्शन देने वाले ट्रैक्टरों को प्राथमिकता दे रहे हैं। यदि आने वाले महीनों में कृषि परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो बाजार में यह तेजी आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।