ग्रीन हाउस और शेडनेट हाउस योजना के तहत 70% प्रतिशत सब्सिडी

By : Tractorbird Published on : 13-Jun-2026
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ग्रीन हाउस और शेडनेट हाउस योजना के तहत 70% प्रतिशत सब्सिडी

देशभर में जलवायु परिवर्तन और मौसम की अनिश्चितता का असर कृषि क्षेत्र पर लगातार बढ़ रहा है। कभी अत्यधिक गर्मी, कभी असमय बारिश तो कभी ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक घटनाएं किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रही हैं। ऐसी परिस्थितियों में कृषि को सुरक्षित और लाभदायक बनाने के लिए संरक्षित खेती (प्रोटेक्टेड कल्टीवेशन) एक प्रभावी विकल्प के रूप में उभर रही है। 

ग्रीन हाउस और शेडनेट हाउस जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए किसान नियंत्रित वातावरण में खेती कर सकते हैं, जिससे फसल उत्पादन में स्थिरता बनी रहती है। किसानों को इस तकनीक को अपनाने के लिए राजस्थान सरकार विशेष प्रोत्साहन भी दे रही है और इसके तहत आकर्षक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है।

क्या है संरक्षित खेती और क्यों है खास ?

संरक्षित खेती ऐसी कृषि प्रणाली है, जिसमें फसलों को नियंत्रित वातावरण में उगाया जाता है। इस तकनीक के तहत तापमान, नमी, प्रकाश और वायु प्रवाह को फसल की आवश्यकता के अनुसार नियंत्रित किया जाता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस पद्धति से फसलें प्रतिकूल मौसम के प्रभाव से काफी हद तक सुरक्षित रहती हैं। 

साथ ही पौधों की वृद्धि बेहतर होती है और उत्पादन की गुणवत्ता भी बढ़ती है। संरक्षित खेती की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें मौसम पर निर्भरता कम हो जाती है और किसान सालभर उच्च मूल्य वाली फसलों का उत्पादन कर सकते हैं। यही कारण है कि आधुनिक कृषि में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।

बेमौसमी उत्पादन से बढ़ रही किसानों की आय

संरक्षित खेती किसानों को बेमौसमी फसलों के उत्पादन का अवसर देती है। सामान्य परिस्थितियों में जो फसल किसी विशेष मौसम में ही उगाई जाती है, उसे ग्रीन हाउस और शेडनेट हाउस के माध्यम से अन्य मौसमों में भी सफलतापूर्वक उगाया जा सकता है। जब बाजार में किसी फसल की उपलब्धता कम होती है, तब उसकी कीमत अधिक मिलती है। 

इससे किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। वर्तमान समय में टमाटर, खीरा, शिमला मिर्च, गुलाब, जरबेरा और स्ट्रॉबेरी जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती संरक्षित वातावरण में बड़े पैमाने पर की जा रही है। इन फसलों की गुणवत्ता बेहतर होने के कारण बाजार में इनकी मांग भी अधिक रहती है।

राजस्थान सरकार दे रही है 70 प्रतिशत तक सब्सिडी

संरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान सरकार किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। योजना के तहत ग्रीन हाउस और शेडनेट हाउस निर्माण के लिए निर्धारित इकाई लागत अथवा विभाग द्वारा अनुमोदित फर्म की दरों में से जो भी कम होगी, उसके आधार पर अधिकतम 2500 वर्गमीटर क्षेत्र तक अनुदान दिया जाएगा। 

सामान्य वर्ग के किसानों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु एवं सीमांत किसानों को 70 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ प्रदान किया जाएगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर किसान भी आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती में सुधार कर सकेंगे और अपनी आय बढ़ा पाएंगे।

योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी पात्रता

सरकार ने योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें निर्धारित की हैं। सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि किसान के पास स्वयं की कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए। इसके अलावा खेत में सिंचाई की पर्याप्त और सुनिश्चित व्यवस्था भी होना आवश्यक है। 

संरक्षित खेती में नियंत्रित वातावरण बनाए रखने के लिए नियमित जल आपूर्ति की जरूरत होती है। इसलिए केवल उन्हीं किसानों को योजना का लाभ दिया जाएगा जो इन आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। पात्र किसानों को योजना के तहत सब्सिडी के साथ-साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का अवसर भी मिलेगा।

आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की होगी आवश्यकता

योजना में आवेदन करने के लिए किसानों को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज जमा करने होंगे। इनमें भूस्वामित्व प्रमाण-पत्र यानी जमाबंदी, खेत का ट्रेस नक्शा, मिट्टी और पानी की जांच रिपोर्ट, निर्माण लागत से संबंधित एम्पेनल्ड फर्म का कोटेशन या इनवॉइस शामिल हैं। 

इसके अलावा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों को जाति प्रमाण-पत्र तथा लघु एवं सीमांत किसानों को संबंधित प्रमाण-पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि सभी दस्तावेज अद्यतन और सही जानकारी के साथ प्रस्तुत करें ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी या समस्या न हो।

राज किसान साथी पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

राजस्थान सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया है। इच्छुक किसान अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा किसान स्वयं भी राज किसान साथी पोर्टल पर जनआधार संख्या के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 

पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद संबंधित योजना का चयन कर आवश्यक जानकारी भरनी होगी और दस्तावेज अपलोड करने होंगे। प्राप्त आवेदनों में पात्र किसानों का चयन पहले आओ-पहले पाओ और लॉटरी प्रणाली के आधार पर किया जाता है। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है और वास्तविक पात्र किसानों तक लाभ पहुंचता है।

भविष्य की टिकाऊ और लाभकारी कृषि प्रणाली

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि संरक्षित खेती भविष्य की कृषि प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रही है। यह तकनीक कम पानी में अधिक उत्पादन देने के साथ-साथ फसलों की गुणवत्ता सुधारने और कीट एवं रोगों के प्रभाव को कम करने में भी मदद करती है। 

सीमित भूमि पर अधिक उत्पादन प्राप्त करने की क्षमता के कारण युवा किसान भी इस तकनीक की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से ग्रीन हाउस और शेडनेट हाउस तकनीकों को अपनाते हैं, तो वे अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। 

सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी इस दिशा में किसानों के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकती है और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के विस्तार को नई गति दे सकती है।

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