नया या पुराना ट्रैक्टर: किसानों के लिए कौन-सा है सही विकल्प

By : Tractorbird Published on : 28-Jan-2026
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खेती-किसानी में ट्रैक्टर आज केवल एक मशीन नहीं रह गया है, बल्कि यह किसान की सबसे बड़ी ताकत और भरोसेमंद साथी बन चुका है। खेत की जुताई से लेकर बुवाई, ढुलाई, कटाई और अन्य कृषि कार्यों में ट्रैक्टर की भूमिका बेहद अहम हो गई है। 

ऐसे में जब किसान ट्रैक्टर खरीदने का निर्णय लेता है, तो उसके सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि नया ट्रैक्टर खरीदा जाए या पुराना। यानी नए vs पुराने ट्रैक्टर में से कौन-सा विकल्प ज्यादा फायदेमंद रहेगा। यह फैसला किसान के बजट, खेती के रकबे और ट्रैक्टर के उपयोग पर निर्भर करता है।

ट्रैक्टर खरीदने से पहले किन बातों पर विचार जरूरी?

ट्रैक्टर खरीदने से पहले किसान को अपनी खेती का रकबा, फसलों का प्रकार, ट्रैक्टर का उपयोग कितनी बार और किस तरह के कामों में होगा, इन सभी बातों पर ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही बजट और भविष्य की योजना भी ट्रैक्टर के चुनाव में अहम भूमिका निभाती है।

नया ट्रैक्टर खरीदने के प्रमुख फायदे 

नया ट्रैक्टर खरीदने का सबसे बड़ा फायदा उसकी भरोसेमंद और मजबूत परफॉर्मेंस होती है। चूंकि ट्रैक्टर बिल्कुल नया होता है, इसलिए उसमें खराबी आने की संभावना बहुत कम रहती है और कंपनी की ओर से वारंटी भी मिलती है, जिससे किसान को मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की राहत मिलती है। 

आज के आधुनिक ट्रैक्टर बेहतर माइलेज, एडवांस इंजन टेक्नोलॉजी, कम कंपन, कम शोर और आरामदायक ड्राइविंग जैसी सुविधाओं के साथ आते हैं, जो लंबे समय तक काम करने में सहायक होते हैं।

नए ट्रैक्टर पर लोन और सरकारी योजनाओं का लाभ

नया ट्रैक्टर खरीदने पर बैंक और फाइनेंस कंपनियां आसानी से लोन उपलब्ध करा देती हैं। इसके अलावा, कई सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ भी ज्यादातर नए ट्रैक्टर पर ही मिलता है। 

जो किसान लंबे समय तक खेती करने की योजना रखते हैं और ट्रैक्टर का नियमित व भारी उपयोग करते हैं, उनके लिए नया ट्रैक्टर एक सुरक्षित और भविष्य के लिहाज से बेहतर विकल्प माना जाता है।

नया ट्रैक्टर खरीदने की प्रमुख कमियां

हालांकि नए ट्रैक्टर के कई फायदे हैं, लेकिन इसकी कुछ कमियां भी हैं। सबसे बड़ी कमी इसकी ज्यादा कीमत है, जो हर किसान के बजट में फिट नहीं बैठती। 

नया ट्रैक्टर खरीदने के लिए अक्सर लंबी अवधि का लोन लेना पड़ता है, जिससे EMI का बोझ कई सालों तक चलता है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है।

नए ट्रैक्टर में मूल्यह्रास की समस्या

नए ट्रैक्टर का शुरुआती मूल्यह्रास यानी डिप्रिसिएशन काफी तेजी से होता है। जैसे ही ट्रैक्टर खरीदा जाता है, उसकी बाजार कीमत कुछ ही समय में कम हो जाती है, जो भविष्य में बेचते समय नुकसान का कारण बन सकती है।

पुराना ट्रैक्टर: कम बजट में खेती का समाधान

अगर किसान का बजट सीमित है, तो पुराना या सेकंड हैंड ट्रैक्टर एक अच्छा और व्यावहारिक विकल्प बन सकता है। पुराने ट्रैक्टर की कीमत नए ट्रैक्टर की तुलना में काफी कम होती है, जिससे किसान कम निवेश में खेती का काम शुरू कर सकता है। 

यह विकल्प खासकर उन किसानों के लिए फायदेमंद होता है, जिनके पास जमीन का रकबा कम है या ट्रैक्टर का उपयोग सीमित समय के लिए होता है।

पुराना ट्रैक्टर खरीदने के आर्थिक फायदे

कम कीमत होने के कारण पुराने ट्रैक्टर पर लोन का बोझ भी कम पड़ता है और कई मामलों में किसान बिना लोन के ही ट्रैक्टर खरीद सकता है। इससे उसकी आर्थिक स्थिति पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता और खेती का काम सुचारू रूप से चलता रहता है।

पुराना ट्रैक्टर खरीदते समय जरूरी सावधानियां

हालांकि पुराना ट्रैक्टर सस्ता जरूर होता है, लेकिन इसे खरीदते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। ट्रैक्टर के इंजन की हालत, ऑवर मीटर (कितने घंटे चला है), सर्विस और मेंटेनेंस रिकॉर्ड, टायरों की स्थिति और आरसी (RC) जैसे जरूरी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए।

मरम्मत खर्च से बचने के लिए सही जांच जरूरी

अगर ट्रैक्टर बहुत ज्यादा पुराना या खराब हालत में हुआ, तो मरम्मत और रखरखाव पर ज्यादा खर्च आ सकता है। ऐसे में शुरुआती बचत बाद में नुकसान में बदल सकती है। इसलिए हमेशा भरोसेमंद विक्रेता से ही पुराना ट्रैक्टर खरीदना समझदारी भरा फैसला होता है।

New vs Used Tractor: किस किसान के लिए कौन-सा सही?

अगर आपकी खेती का रकबा बड़ा है, ट्रैक्टर का उपयोग रोजाना और भारी कृषि कार्यों में होना है, और आपका बजट भी ठीक है, तो नया ट्रैक्टर आपके लिए बेहतर विकल्प साबित होगा। 

वहीं, अगर खेती छोटी है, ट्रैक्टर का उपयोग सीमित है और आप कम खर्च में समाधान चाहते हैं, तो पुराना ट्रैक्टर आपकी जरूरतों को पूरा कर सकता है।

ट्रैक्टर खरीदते समय समझदारी ही सबसे बड़ा हथियार

नया या पुराना ट्रैक्टर – क्या सही है? इस सवाल का कोई एक सीधा जवाब नहीं है। दोनों विकल्पों के अपने-अपने फायदे और नुकसान हैं। सही जानकारी, जरूरत का सही आकलन और समझदारी से लिया गया फैसला ही किसान को फायदे में रख सकता है। 

इसलिए न्यू vs पुराने ट्रैक्टर  की तुलना करते समय भावनाओं के बजाय व्यावहारिक सोच अपनाएं, ताकि आपका ट्रैक्टर लंबे समय तक खेती में आपका सच्चा और भरोसेमंद साथी बन सके।

Tractorbird प्लैटफॉर्म आपको खेती-बाड़ी से जुड़ी सभी ताज़ा जानकारियां उपलब्ध कराता रहता है। इसके माध्यम से ट्रैक्टरों के नए मॉडल, उनकी विशेषताएँ और खेतों में उनके उपयोग से संबंधित अपडेट नियमित रूप से साझा किए जाते हैं। साथ ही स्वराजमहिंद्रान्यू हॉलैंडवीएसटी और कुबोटा जैसी प्रमुख कंपनियों के ट्रैक्टरों की पूरी जानकारी भी यहां प्राप्त होती है।

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