टॉप कृषि यंत्र जो खेती के काम को बना सकते है बेहद आसान, जानिए उपयोग एवं फीचर्स

By : Shweta Maheshwari Published on : 21-Nov-2022
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भारत सरकार लगातार किसानों की आय को दोगुनी करने का प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में सरकार किसानों को आधुनिक बीजों से लेकर उन्नत फर्टिलाइजर तक सब कुछ उपलब्ध करवाती है। ताकि खेती की लागत को कम करके उत्पादन में बढ़ोत्तरी की जा सके। इसी के माध्यम से किसानों की आय में भी बढ़ोत्तरी की जा सके। 


इन सभी चीजों के साथ सरकार किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों का भी उपयोग करने के लिए कहती है। ताकि किसानों के समय की बचत हो सके तथा काम भी शीघ्र हो सके। सरकार ने किसानों के लिए कृषि उपकरणों को खरीदने के लिए बहुत सारे अनुदान देने शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही सरकार आधुनिक कृषि यंत्रों के विकास और उसके उपयोग को बढ़ावा देने के लिए भी तेजी से काम कर रही है। 


सरकार की सलाह मानते हुए किसान भाई भी परंपरागत कृषि यंत्रों की जगह आधुनिक कृषि यंत्रों को अपना रहे हैं। जिससे किसानों के समय के साथ-साथ पैसे की भी बचत हो रही है। वैसे तो खेती के लिए बहुत सारे आधुनिक कृषि यंत्र उपयोग किए जाते हैं। लेकिन आज हम आपको कुछ चुनिंदा कृषि यंत्रों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे किसान अपनी खेती को बेहद आसान बना सकते हैं। इन कृषि यंत्रों को खेती की जरूरत के हिसाब से बनाया गया है। जो किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

ट्रैक्टर

आधुनिक खेती में ट्रैक्टर बेहद आवश्यक कृषि यंत्र बन चुका है। पहले जहां जानवरों की सहायता से खेती के बहुत सारे काम किए जाते थे, वहीं अब आधुनिक युग में जानवरों के साथ हल और बैलगाड़ी की जगह ट्रैक्टर ने ले ली है। आज के युग में ट्रैक्टर खेतीबाड़ी और बागवानी के कामों के लिए एक प्रमुख कृषि यंत्र है। ट्रैक्टर की मदद से कृषि यंत्रों के साथ ही बहुत सारे अन्य यंत्रों को भी चलाया जा सकता है, जो खेती के साथ-साथ कन्स्ट्रक्शन और माल ढुलाई के उपयोग में आते हैं। सभी किसान अपनी-अपनी जरूरत के हिसाब से ट्रैक्टर खरीद लेते हैं। अगर हम बाजार की बात करें तो आज के युग में 2 डब्ल्यूडी और 4 डब्ल्यूडी वेरियंट के ट्रैक्टर प्रचलन में हैं। इसके अलावा एचपी और पीटीओ क्षमता के आधार पर भी ट्रैक्टर की श्रेणियों का वर्गीकरण किया जाता है। 

किस प्रकार के ट्रैक्टर हैं आजकल किसानों की पहली पसंद 

वैसे तो आजकल बाजार में ट्रैक्टरों को बहुत सारी कम्पनियां बनाती हैं। जो अलग-अलग क्षमताओं के ट्रैक्टरों का निर्माण करती हैं। डीजल खपत और ताकत के हिसाब से ट्रैक्टरों को अलग-अलग नाम से वर्गीकृत किया जाता है। किसान अपनी जरूरत के हिसाब से इन ट्रैक्टरों का चुनाव कर सकते हैं। बाजार में मिलने वाले कुछ प्रमुख ट्रैक्टर निम्न हैं-

रोटावेटर

आजकल कृषि कार्यों में रोटावेटर का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। इसका उपयोग मुख्यतः जुताई के लिए किया जाता है। रोटावेटर की सहायता से एक या दो जुताई में ही खेत पूरी तरह फसल बुवाई के लिए तैयार हो जाता है। जबकि इसके विपरीत किसानों को बुवाई के लिए खेत तैयार करने के लिए कम से कम 5 बार खेत की जुताई करनी होती है। रोटावेटर को ट्रैक्टर की मदद से बेहद आसानी से चलाया जा सकता है। अगर रोटावेटर की अन्य खूबियों की बात करें तो इसकी मदद से खेत में पड़े हुए अवशेषों का प्रबंधन बेहद आसानी से किया जा सकता है। रोटावेटर मक्का, गेहूं, गन्ना आदि फसल अवशेषों को तोड़कर खेत की मिट्टी में ही मिला देता है। जिससे खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ती है और मिट्टी की सेहत में सुधार होता है। रोटावेटर के उपयोग से खेती की लागत, समय और श्रम आदि की बचत होती है। इसके साथ ही रोटावेटर के उपयोग से 15 प्रतिशत से 35 प्रतिशत तक ईंधन की बचत की जा सकती है। 


अगर रोटावेटर के प्रकारों और उनको बनाने वाली कंपनियों की बात की जाए तो बाजार में कई प्रकार के रोटावेटर आते हैं। जो निम्न हैं- 

  • लैंडफोर्स रोबुस्टो रोटावेटर
  • पैग्रो रोटावेटर
  • कैप्टन रोटावेटर
  • सॉलिस रोटावेटर
  • मास्कीओ गैस्पर्डो विराट प्रो 150 रोटावेटर
  • सोनालिका मिनी स्मार्ट सीरीज चेन ड्राइव रोटावेटर
  • शक्तिमान रेगुलर लाइट रोटावेटर
  • बुलज़ पावर डबल रोटर ड्यूरो+रोटावेटर
  • लैंडफोर्स सुप्रीमो रोटावेटर
  • महिंद्रा जायरोवेटर ZLX+रोटावेटर
  • सीड ड्रिल कम फर्टिलाइजर मशीन

आजकल सीड ड्रिल कम फर्टिलाइजर मशीन बहुत ज्यादा प्रचलन में है। इस मशीन को किसान 35 एचपी से ऊपर के ट्रैक्टर के साथ जोड़कर बेहद आसानी से चला सकता है। यह मशीन निश्चित अनुपात में बीज तथा उर्वरक का उपयोग करती है। तथा इस मशीन की सहायता से निश्चित मात्र में बिजाइ का काम होता है। चूंकी सामान्य सीड ड्रिल में बुवाई के लिए कम लाइने होती हैं, इसलिए उसमें समय ज्यादा लगता है। लेकिन सीड ड्रिल कम फर्टिलाइजर मशीन में बुवाई के लिए अधिक लाइने होती हैं। इसलिए किसान इस मशीन की मदद से एक साथ कई कतारों में बीजों की बुवाई कर सकते हैं। 

किसानों द्वारा इन कंपनियों के सीड ड्रिल कम फर्टिलाइजर मशीन सबसे ज्यादा की जा रही हैं पसंद 


वैसे तो बाजार में बहुत सारी सीड ड्रिल कम फर्टिलाइजर मशीनें उपलब्ध है। लेकिन सबसे ज्यादा इन सीड ड्रिल कम फर्टिलाइजर मशीनों को पसंद किया जाता है-

  • पैग्रो जीरो टिल ड्रिल मशीन
  • महिंद्रा सीड कम फ़र्टिलाइज़र ड्रिल
  • जॉन डियर फ़र्टिलाइज़र ड्रिल
  • लैंडफोर्स जीरो टिल ड्रिल ( कन्वेंशनल मॉडल)
  • खेदूत ऑटो सीड प्लांटर (मल्टी क्रॉप-इंक्लाइन प्लेन)
  • खेदूत न्यूमैटिक सीड ड्रिल
  • लैंडफोर्स जीरो टिल ड्रिल (डीलक्स मॉडल)
  • लैंडफोर्स रोटो सीडर (हैवी ड्यूटी)
  • खेदूत सीड कम फ़र्टिलाइज़र ड्रिल (मल्टी क्रॉप-इनक्लाइंड प्लेट)
  • दशमेश 911

स्प्रेयर मशीन

स्प्रेयर मशीन बेहद खास कृषि उपकरण है, जिसकी मदद से किसान फसल में कीटों के नियंत्रण के लिए बेहद आसानी से कीटनाशकों का छिड़काव कर सकते हैं। इसकी मदद से किसान लिक्विड खाद का भी छिड़काव कर सकते हैं। स्प्रेयर मशीन का उपयोग करके किसान अपने समय तथा पैसे की भारी बचत कर सकते हैं। इन दिनों बाजार में बहुत तरह के स्प्रेयर मौजूद हैं। कुछ स्प्रेयर हाथ की मदद से चलाए जाते हैं, तो कुछ बैटरी और सौर ऊर्जा की मदद से चलते हैं। वहीं कुछ स्प्रेयर ट्रैक्टर से जोड़कर चलाए जाते हैं। 

इन कंपनियों के स्प्रेयर हैं किसानों की पहली पसंद 

बाजार में कई प्रकार के स्प्रेयर आते हैं, जिन्हें किसान अपनी जरूरत और उपयोग के हिसाब से खरीद लेते हैं और कीटनाशक तथा लिक्विड खाद के छिड़काव में उनका उपयोग करते हैं। बाजार में आने वाले स्प्रेयर निम्न हैं-

  • नेपच्यून बीएस-13 प्लस
  • नेपच्यून बीएस-12 बैटरी
  • नेपच्यून बीएस-13 बैटरी
  • मास्कीओ गैस्पर्डो सौरो स्टार्ट
  • ग्रीव्स कॉटन जीएसबीएस 20
  • सॉइल मास्टर फील्ड माउंटेड स्प्रेयर
  • नेपच्यून एनएफ-608 पावर
  • मित्रा क्रॉपमास्टर- 400 हाइड्रोलिक
  • मित्रा एरोटिक टर्बो - 600
  • नेपच्यून हरियाली -12 मैनुअल

थ्रेशर

थ्रेशर मशीन का उपयोग किसान भाई फसल की कटाई के लिए करते हैं। यह मशीन बेहद तेजी से अनाज को काटती है और भूसी और डंठल से बीज अलग कर देती है। पहले इसके स्थान पर किसान भाई परंपरागत कृषि उपकरणों का उपयोग करते थे, जिसमें समय की बहुत ज्यादा बर्बादी होती थी। लेकिन थ्रेशर मशीन के आने के बाद इन सभी प्रकार की समस्याओं का समाधान हो चुका है। थ्रेशर मशीन सोयाबीन, गेहूं, मटर, मक्का जैसे अनाजों से भूसे को चुटकियों में पृथक कर देती है। यह मशीन किसानों की मजदूरों पर निर्भरता को भी कम करती है। 

इन कंपनियों के थ्रेशर हैं, आधुनिक किसानों की पहली पसंद 

वैसे तो बाजार में कई प्रकार के थ्रेशर उपलब्ध हैं। जिन्हें किसान भाई अपनी जरूरत के हिसाब से खरीदना पसंद करते हैं। कुछ बेहतरीन क्वालिटी के थ्रेशर निम्न हैं- 

  • केएस ग्रुप मल्टीक्रॉप
  • लैंडफोर्स मेज़ थ्रेशर
  • सोनालिका 27×16 बम्पर मॉडल, डबल स्पीड थ्रेसर
  • स्वराज P-550 मल्टीक्रॉप थ्रेसर
  • महिंद्रा थ्रेशर
  • लैंडफोर्स हारम्भा थ्रेसर 
  • दशमेश 641 - पैडी थ्रेसर
  • दशमेश मेज़ थ्रेशर
  • सोनालिका 27×14 डबल व्हील, बम्पर मॉडल SM II विदाउट अटैचमेंट
  • महिंद्रा M55 थ्रेसर

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