हरियाणा सरकार ने किसानों के हित में एक अहम फैसला लेते हुए फसल नुकसान पर मिलने वाली मुआवजा राशि में बढ़ोतरी कर दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट 2026-27 की घोषणाओं को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने बजट के तुरंत बाद योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री ने कृषि, बागवानी, पशुपालन, ऊर्जा और स्वास्थ्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ सीधे गांव स्तर तक पहुंचे।
ग्राम सभाओं के माध्यम से योजनाओं की जानकारी साझा करने और प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री कार्यालय तक भेजने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
यह योजना केवल कुछ फसलों तक सीमित नहीं है, बल्कि कुल 46 प्रकार की फल, सब्जी और मसाला फसलों को शामिल किया गया है।
किसानों को केवल 2.5% प्रीमियम देना होगा
बाकी प्रीमियम राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा
इससे छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी योजना का लाभ लेना आसान हो गया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बजट में घोषित सभी योजनाओं को तय समयसीमा में लागू किया जाए। सरकार तकनीक और बेहतर प्रशासनिक समन्वय के जरिए लाभ सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजने पर जोर दे रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो और पारदर्शिता बढ़े।
राज्य में मौजूद 775 किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों को संगठित कर उनकी आय बढ़ाने पर जोर
बाजार तक बेहतर पहुंच दिलाने की योजना
केंद्र के 10,000 FPO लक्ष्य के तहत हरियाणा को 172 FPO बनाने का लक्ष्य मिला
सरकार का मानना है कि संगठित किसान बेहतर सौदे कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं।
हरियाणा सरकार की यह पहल किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बढ़ा हुआ मुआवजा और योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन किसानों को समय पर सहायता देगा और कृषि क्षेत्र में स्थिरता व विकास को नई गति मिलेगी।
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