भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसका असर आने वाले दिनों में देश के बड़े हिस्से पर देखने को मिलेगा। इसके साथ ही पूर्वी राजस्थान, दक्षिणी मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, केरल तट और लक्षद्वीप के आसपास कई चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं।
इन मौसमी सिस्टमों के कारण उत्तर भारत से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत तक तेज आंधी, गरज-चमक, बिजली गिरने, बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक मौसम बदला हुआ रहेगा। दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 11 से 14 मई के बीच हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव मैदानी क्षेत्रों तक पहुंच रहा है, जिससे तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं।
वहीं उत्तर प्रदेश में भी मौसम करवट लेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12 और 13 मई को जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13 और 14 मई के दौरान आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। राजस्थान के कई हिस्सों में भी 11 और 12 मई को तेज धूलभरी आंधी के साथ छिटपुट बारिश हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम अधिक खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 11 से 15 मई के बीच इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो सकती है।
इसके अलावा 11 और 12 मई को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में 12 और 13 मई को ओले गिर सकते हैं। खराब मौसम के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में भी अगले पांच दिनों तक मौसम अस्थिर बना रहेगा। बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 11 से 14 मई के बीच तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 14 से 16 मई के बीच भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
मध्य प्रदेश में 10 मई को गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में 11 से 14 मई तक मौसम खराब रहने के आसार हैं। विदर्भ क्षेत्र में भी 11 मई को बारिश और बिजली चमकने की संभावना व्यक्त की गई है।
दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी मौसम विभाग ने भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। रायलसीमा क्षेत्र में 10 से 12 मई और फिर 14 मई को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
तेलंगाना और लक्षद्वीप में 10 और 11 मई को तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 12 से 14 मई तक मौसम खराब रह सकता है। इसके अलावा केरल और कर्नाटक में 10 से 14 मई के दौरान कई स्थानों पर तेज हवा, गरज-चमक और भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में 10 से 16 मई के बीच कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की भी संभावना जताई है।
पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम पूरी तरह सक्रिय रहेगा और कई राज्यों में मानसून जैसी स्थिति देखने को मिल सकती है। असम और मेघालय में 13 से 16 मई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम में 15 और 16 मई को भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
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