भारत में 2026 के मॉनसून को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। मौसम के पैटर्न और मौसमी पूर्वानुमानों के आधार पर, इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के 27 मई से 1 जून के बीच केरल पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद, मॉनसून धीरे-धीरे देश के विभिन्न राज्यों में आगे बढ़ेगा, और जुलाई की शुरुआत तक उत्तरी भारत में पहुंचने की पूरी संभावना है।
किसान पूरी तरह से बारिश पर निर्भर रहता है या इसी चीज़ का वो बेसबरी से इंतज़ार करता है जिसे वो अपना फसल उगा सके। समय पर और पर्याप्त बारिश से धान, सोयाबीन, कपास, मक्का और दालों जैसी फसलों को काफी फायदा हो सकता है। इसके अलावा, जलाशयों में बढ़ते जल स्तर और मिट्टी में नमी बढ़ने से कृषि गतिविधियों की बेहतर तैयारी में मदद मिलेगी।
केरल – 27 मई से 1 जून
कर्नाटक – 1 से 5 जून
तमिलनाडु – 1 से 6 जून
आंध्र प्रदेश – 4 से 10 जून
तेलंगाना – 5 से 12 जून
महाराष्ट्र – 8 से 15 जून
गोवा – 7 से 10 जून
छत्तीसगढ़ – 10 से 16 जून
ओडिशा – 10 से 15 जून
पश्चिम बंगाल – 10 से 16 जून
झारखंड – 12 से 18 जून
बिहार – 13 से 20 जून
पूर्वी उत्तर प्रदेश – 15 से 22 जून
मध्य प्रदेश – 15 से 22 जून
गुजरात – 18 से 25 जून
दिल्ली NCR – 25 से 30 जून
हरियाणा – 26 जून से 1 जुलाई
पंजाब – 27 जून से 3 जुलाई
राजस्थान – 25 जून से 5 जुलाई
उत्तराखंड – 27 जून से 4 जुलाई
हिमाचल प्रदेश – 28 जून से 5 जुलाई
जम्मू-कश्मीर – 1 से 10 जुलाई
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि ये संभावित तारीखें मौजूदा मौसम की स्थितियों और मॉनसून की गतिविधियों के आधार पर तय की गई हैं। हालांकि, चक्रवात, तापमान में उतार-चढ़ाव या अन्य मौसम संबंधी घटनाओं जैसे कारकों के कारण इन तारीखों में बदलाव हो सकता है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे खेती की तैयारियों के साथ-साथ मौसम विभाग से मिलने वाले अपडेट पर भी पैनी नज़र रखें। यदि मॉनसून तय समय पर आता है, तो इससे कृषि, जल आपूर्ति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को काफी फायदा हो सकता है।
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