भारत सरकार के मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा देशभर में पशुपालकों, किसानों तथा छात्र-छात्राओं को पशुपालन, डेयरी योजनाओं और पशु कल्याण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ देने के उद्देश्य से पशुपालन एवं पशु कल्याण जागरूकता माह का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान आगामी 13 फरवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा।
केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी विभाग के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश स्तर पर भी इस जागरूकता माह को प्रभावी रूप से आयोजित करने की तैयारी की गई है। इसी क्रम में संचालक पशुपालन एवं डेयरी डॉ. पी.एस. पटेल द्वारा सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि अभियान का क्रियान्वयन सुव्यवस्थित ढंग से किया जा सके।
अभियान की जानकारी देते हुए विभागीय संचालक ने बताया कि यह कार्यक्रम राज्य, जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर आयोजित किया जाएगा। इसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार की जागरूकता गतिविधियाँ और हितग्राही मूलक कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे पशुपालकों तक योजनाओं का सीधा लाभ और सही जानकारी पहुँच सके।
एक माह तक चलने वाले इस अभियान के दौरान पशुपालन को वैज्ञानिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
इस जागरूकता अभियान के अंतर्गत पशुपालकों को पशु कल्याण, पशु चिकित्सा सेवाएँ, उन्नत पशुपालन पद्धतियाँ, डेयरी विकास, बकरी पालन एवं मुर्गी पालन से संबंधित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
इसके साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा पशुपालन क्षेत्र में संचालित विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
इसके लिए संगोष्ठियाँ, ऑनलाइन वेबिनार, युवा संवाद कार्यक्रम, गोशालाओं एवं पशु कल्याण संस्थानों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही स्कूलों और कॉलेजों में विभागीय टीमों द्वारा भ्रमण कर छात्र-छात्राओं को पशुपालन एवं पशु कल्याण के महत्व से अवगत कराया जाएगा।
अभियान को सफल बनाने के लिए जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर सभी पशु चिकित्सक (वेट्स), पेरावेट्स, गोसेवक-मैत्री कार्यकर्ता, कृषि विज्ञान केंद्र, राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम, दुग्ध संघों के अधिकारी-कर्मचारी, स्व-सहायता समूहों के सदस्य तथा पशु-सखी के सहयोग से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
इस सामूहिक प्रयास से पशुपालकों तक योजनाओं की सही जानकारी पहुँचाने और उनका अधिकतम लाभ दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
अभियान के दौरान मोबाइल वेटनरी यूनिट (MVU) द्वारा ग्रामों और पंचायतों में भ्रमण कर पशु चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही पशु कल्याण, रोगों की रोकथाम, टीकाकरण और पशुपालन योजनाओं से संबंधित जानकारियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
इस दौरान पंपलेट वितरण, जनसंवाद और अन्य जनजागरूकता गतिविधियाँ भी संचालित की जाएंगी, ताकि अधिक से अधिक पशुपालक इस अभियान से जुड़ सकें।
अभियान के अंतर्गत आयोजित सभी गतिविधियों की प्रगति की जानकारी फोटो और वीडियो के माध्यम से भारत सरकार के निर्धारित पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।
अभियान की सतत निगरानी संबंधित संभाग के संयुक्त संचालक तथा संचालनालय स्तर पर प्रभारी पशुपालन शाखा द्वारा की जाएगी, जिससे कार्यक्रम की गुणवत्ता और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।
पशुपालन एवं पशु कल्याण जागरूकता अभियान पशुपालकों को योजनाओं से जोड़ने, पशु स्वास्थ्य सुधारने और पशुपालन को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस अभियान से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि पशु कल्याण और ग्रामीण विकास को भी मजबूती मिलेगी।
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