गर्मियों में भैंस की देखभाल कैसे करें? जानें सही प्रबंधन के आसान तरीके

By : Tractorbird Published on : 10-Jun-2026
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Dairy farming : गर्मियों में भैंस की देखभाल है बेहद जरूरी, सही प्रबंधन से मिलेगी गर्मी से राहत

गर्मियों का मौसम केवल इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि पशुओं के लिए भी चुनौतीपूर्ण होता है। खासकर भैंसें इस मौसम में गायों की तुलना में अधिक गर्मी महसूस करती हैं। इसका मुख्य कारण भैंस का काला रंग और शरीर में पसीना निकालने वाले रोमछिद्रों की कम संख्या है। यही वजह है कि बढ़ते तापमान का असर भैंसों की सेहत, प्रजनन क्षमता और दुग्ध उत्पादन पर अधिक देखने को मिलता है।

बढ़ती गर्मी का भैंसों पर प्रभाव

मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और बढ़ते तापमान का सीधा असर पशुधन पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि भैंस के शरीर का तापमान सामान्य से अधिक बढ़ जाता है, तो उसकी गर्भधारण क्षमता प्रभावित हो सकती है। इससे न केवल प्रजनन दर में कमी आती है, बल्कि दूध उत्पादन और पशु के समग्र स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

हीट स्ट्रेस से बचाव क्यों है जरूरी?

गर्मी के मौसम में भैंसें हीट स्ट्रेस का शिकार जल्दी हो जाती हैं। इस स्थिति में पशु कम चारा खाता है, अधिक थकान महसूस करता है और उसकी उत्पादकता घटने लगती है। इसलिए पशुपालकों को मौसम के अनुसार पशुओं की देखभाल और प्रबंधन में आवश्यक बदलाव करना चाहिए, ताकि पशु स्वस्थ और सक्रिय बने रहें।

भैंसों को ठंडक पहुंचाने के उपाय

गर्मियों में भैंसों को राहत देने के लिए नियमित रूप से नहलाने की व्यवस्था करनी चाहिए। यदि आसपास नदी, तालाब या नहर उपलब्ध हो, तो भैंसों को कुछ समय के लिए पानी में रहने देना लाभदायक होता है। इससे उनके शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और गर्मी का प्रभाव कम होता है।

जहां प्राकृतिक जल स्रोत उपलब्ध नहीं हैं, वहां पशुपालक शेड में ही नहलाने या पानी छिड़कने की व्यवस्था कर सकते हैं। नियमित स्नान से भैंस को आराम मिलता है और वह अधिक स्वस्थ रहती है।

गर्मी में संतुलित और ठंडे प्रभाव वाला आहार दें

गर्मी के मौसम में भैंसों को ऐसा आहार देना चाहिए जो आसानी से पच सके और शरीर को ठंडक प्रदान करे। हरा चारा, पर्याप्त पानी और संतुलित पोषक तत्वों से भरपूर आहार पशु के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद रहता है। उचित आहार से पाचन क्रिया बेहतर रहती है और पशु को भोजन पचाने में कम ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है।

आरामदायक शेड की व्यवस्था करें

भैंसों के लिए बनाए गए शेड में पर्याप्त वेंटिलेशन होना चाहिए ताकि ताजी हवा का आवागमन बना रहे। शेड ऐसी जगह बनाया जाए जहां सीधे सूर्य की किरणें पशुओं पर न पड़ें। इसके साथ ही साफ और ठंडे पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।

यदि संभव हो तो शेड की छत पर घास-फूस, शेड नेट या अन्य तापरोधी सामग्री का उपयोग किया जा सकता है, जिससे अंदर का तापमान अपेक्षाकृत कम बना रहे और पशुओं को गर्मी से राहत मिले।

गर्मियों में भैंसों की विशेष देखभाल करना पशुपालकों के लिए अत्यंत आवश्यक है। नियमित स्नान, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और उचित शेड प्रबंधन अपनाकर हीट स्ट्रेस के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इससे भैंसों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है, दुग्ध उत्पादन प्रभावित नहीं होता और उनकी प्रजनन क्षमता भी बनी रहती है।

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