मध्य प्रदेश में ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम पर 55% तक सब्सिडी

By : Tractorbird Published on : 06-Sep-2026
/

मध्य प्रदेश में ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम पर 55% तक सब्सिडी, जानें आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और जरूरी दस्तावेज

मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाने के लिए बड़ा अवसर दिया है। राज्य के ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, स्प्रिंकलर सेट और मिनी स्प्रिंकलर पर अनुदान प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुके हैं। आवेदन प्रक्रिया 13 जुलाई 2026 से प्रारंभ हुई है। 

यह योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY–माइक्रो इरिगेशन) और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY–प्रेशराइज्ड इरिगेशन परियोजना) के तहत संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य किसानों को जल-संरक्षण आधारित सिंचाई तकनीकों से जोड़ना, सिंचाई की लागत कम करना और फसलों की उत्पादकता बढ़ाना है।

इन सिंचाई उपकरणों पर मिलेगा अनुदान 

कृषि विभाग ने किसानों के लिए तीन प्रमुख माइक्रो इरिगेशन उपकरणों पर सब्सिडी उपलब्ध कराई है—

  • ड्रिप इरिगेशन सिस्टम
  • स्प्रिंकलर सेट
  • मिनी स्प्रिंकलर

इन उपकरणों की मदद से कम पानी में अधिक क्षेत्र की सिंचाई की जा सकती है। साथ ही पानी का बेहतर उपयोग होने से फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन में भी सुधार होता है।

किसानों को कितनी मिलेगी सब्सिडी?

योजना के तहत पात्र किसानों को 55% तक अनुदान प्रदान किया जाएगा। वहीं अन्य पात्र श्रेणी के किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार 45% तक सब्सिडी का लाभ मिलेगा। अनुदान की वास्तविक राशि किसान की जोत, सिंचाई उपकरण की लागत और पात्रता के आधार पर तय होगी। किसान विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए ऑनलाइन सब्सिडी कैलकुलेटर के माध्यम से संभावित सहायता राशि की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।

किन जिलों के किसान कर सकते हैं आवेदन?

दो अलग-अलग योजनाओं के लिए अलग-अलग जिलों को शामिल किया गया है।

प्रेशराइज्ड इरिगेशन परियोजना (RKVY-MI) के तहत आवेदन करने वाले जिले हैं—

जबलपुर, कटनी, दमोह, टीकमगढ़, इंदौर, धार, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, खंडवा, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, देवास, शाजापुर, सीहोर, राजगढ़ और बैतूल।

वहीं धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत डिंडोरी, टीकमगढ़, सीधी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, अलीराजपुर और निवाड़ी जिले के किसान आवेदन करने के पात्र हैं।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को आवेदन करते समय और सत्यापन प्रक्रिया के दौरान निम्नलिखित दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे—

  • आधार कार्ड
  • आधार से लिंक मोबाइल नंबर
  • बैंक पासबुक की कॉपी
  • एग्री-स्टैक (Agri Stack) फार्मर आईडी
  • खसरा, खतौनी या बी-1 की प्रति
  • बिजली बिल
  • अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के किसानों के लिए जाति प्रमाण पत्र

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

इच्छुक किसान ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जिन किसानों का पहले से पोर्टल पर पंजीकरण है, वे आधार आधारित ओटीपी के जरिए लॉगिन कर आवेदन भर सकते हैं।

यदि किसी किसान का पंजीकरण नहीं हुआ है, तो उसे पहले एमपी ऑनलाइन या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से बायोमैट्रिक आधार सत्यापन कराकर पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण पूरा होने के बाद ही वह ड्रिप, स्प्रिंकलर या मिनी स्प्रिंकलर के लिए आवेदन कर सकेगा। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने नजदीकी ब्लॉक कृषि कार्यालय या जिला कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

आवेदन से पहले इस जरूरी शर्त को जान लें

कृषि विभाग के अनुसार, एग्री-स्टैक (Agri Stack) फार्मर आईडी के बिना आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसलिए जिन किसानों ने अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनवाई है, उन्हें सबसे पहले यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद ही वे पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे।

आधुनिक सिंचाई अपनाएं और सरकारी अनुदान का लाभ उठाएं

यदि आप कम पानी में अधिक उत्पादन प्राप्त करना चाहते हैं और खेती की लागत घटाना चाहते हैं, तो सरकार की इस योजना का लाभ जरूर उठाएं। ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई प्रणालियां न केवल जल संरक्षण में सहायक हैं, बल्कि फसलों की बेहतर वृद्धि और अधिक पैदावार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। समय रहते आवेदन कर 55% तक सब्सिडी का लाभ प्राप्त करें और अपनी खेती को अधिक लाभदायक बनाएं।

Tractorbird प्लैटफॉर्म आपको खेती-बाड़ी से जुड़ी सभी ताज़ा जानकारियां उपलब्ध कराता रहता है। इसके माध्यम से ट्रैक्टरों के नए मॉडल, उनकी विशेषताएँ और खेतों में उनके उपयोग से संबंधित अपडेट नियमित रूप से साझा किए जाते हैं। साथ ही प्रीत, स्वराज, महिंद्रा, जॉन डियर,न्यूहॉलैंड, मैसी फर्ग्यूसन, करतार और कुबोटा जैसी प्रमुख कंपनियों के ट्रैक्टरों की पूरी जानकारी भी यहां प्राप्त होती है।

Join TractorBird Whatsapp Group

Categories

Similar Posts