मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाने के लिए बड़ा अवसर दिया है। राज्य के ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, स्प्रिंकलर सेट और मिनी स्प्रिंकलर पर अनुदान प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुके हैं। आवेदन प्रक्रिया 13 जुलाई 2026 से प्रारंभ हुई है।
यह योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY–माइक्रो इरिगेशन) और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY–प्रेशराइज्ड इरिगेशन परियोजना) के तहत संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य किसानों को जल-संरक्षण आधारित सिंचाई तकनीकों से जोड़ना, सिंचाई की लागत कम करना और फसलों की उत्पादकता बढ़ाना है।
कृषि विभाग ने किसानों के लिए तीन प्रमुख माइक्रो इरिगेशन उपकरणों पर सब्सिडी उपलब्ध कराई है—
इन उपकरणों की मदद से कम पानी में अधिक क्षेत्र की सिंचाई की जा सकती है। साथ ही पानी का बेहतर उपयोग होने से फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन में भी सुधार होता है।
योजना के तहत पात्र किसानों को 55% तक अनुदान प्रदान किया जाएगा। वहीं अन्य पात्र श्रेणी के किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार 45% तक सब्सिडी का लाभ मिलेगा। अनुदान की वास्तविक राशि किसान की जोत, सिंचाई उपकरण की लागत और पात्रता के आधार पर तय होगी। किसान विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए ऑनलाइन सब्सिडी कैलकुलेटर के माध्यम से संभावित सहायता राशि की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।
दो अलग-अलग योजनाओं के लिए अलग-अलग जिलों को शामिल किया गया है।
प्रेशराइज्ड इरिगेशन परियोजना (RKVY-MI) के तहत आवेदन करने वाले जिले हैं—
जबलपुर, कटनी, दमोह, टीकमगढ़, इंदौर, धार, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, खंडवा, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, देवास, शाजापुर, सीहोर, राजगढ़ और बैतूल।
वहीं धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत डिंडोरी, टीकमगढ़, सीधी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, अलीराजपुर और निवाड़ी जिले के किसान आवेदन करने के पात्र हैं।
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को आवेदन करते समय और सत्यापन प्रक्रिया के दौरान निम्नलिखित दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे—
इच्छुक किसान ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जिन किसानों का पहले से पोर्टल पर पंजीकरण है, वे आधार आधारित ओटीपी के जरिए लॉगिन कर आवेदन भर सकते हैं।
यदि किसी किसान का पंजीकरण नहीं हुआ है, तो उसे पहले एमपी ऑनलाइन या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से बायोमैट्रिक आधार सत्यापन कराकर पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण पूरा होने के बाद ही वह ड्रिप, स्प्रिंकलर या मिनी स्प्रिंकलर के लिए आवेदन कर सकेगा। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने नजदीकी ब्लॉक कृषि कार्यालय या जिला कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
कृषि विभाग के अनुसार, एग्री-स्टैक (Agri Stack) फार्मर आईडी के बिना आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसलिए जिन किसानों ने अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनवाई है, उन्हें सबसे पहले यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद ही वे पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे।
यदि आप कम पानी में अधिक उत्पादन प्राप्त करना चाहते हैं और खेती की लागत घटाना चाहते हैं, तो सरकार की इस योजना का लाभ जरूर उठाएं। ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई प्रणालियां न केवल जल संरक्षण में सहायक हैं, बल्कि फसलों की बेहतर वृद्धि और अधिक पैदावार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। समय रहते आवेदन कर 55% तक सब्सिडी का लाभ प्राप्त करें और अपनी खेती को अधिक लाभदायक बनाएं।
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