मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना

By : Tractorbird Published on : 10-Jul-2026
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मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना: उत्तर प्रदेश के पशुपालकों के लिए आर्थिक सुरक्षा की नई पहल

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों और पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 'मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना' को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य दुधारू एवं अन्य पालतू पशुओं की मृत्यु या स्थायी विकलांगता की स्थिति में पशुपालकों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। 

पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और प्रदेश के लाखों किसान अपनी आजीविका के लिए इस पर निर्भर हैं। ऐसे में यदि किसी महामारी, प्राकृतिक आपदा या आकस्मिक दुर्घटना के कारण पशु की मृत्यु हो जाती है, तो परिवार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। नई बीमा योजना इस नुकसान की भरपाई करने में सहायक होगी और पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी।

योजना शुरू करने का उद्देश्य

उत्तर प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य में पशुपालन को अधिक सुरक्षित, संगठित और लाभदायक बनाना है। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन किसानों की आय का प्रमुख स्रोत होता है, लेकिन पशुओं की बीमारी, दुर्घटना या प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो जाती है। 

इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस योजना की शुरुआत की है, ताकि पशुपालकों को कठिन परिस्थितियों में समय पर आर्थिक सहायता मिल सके। इसके माध्यम से किसानों का आर्थिक जोखिम कम होगा और वे बिना किसी बड़ी परेशानी के अपने पशुपालन व्यवसाय को दोबारा स्थापित कर सकेंगे।

किन परिस्थितियों में मिलेगा बीमा का लाभ?

मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना के तहत बीमित पशुओं को कई प्रकार की जोखिम स्थितियों के लिए सुरक्षा प्रदान की जाएगी। यदि किसी बीमित दुधारू या अन्य पात्र पशु की महामारी, प्राकृतिक आपदा, बिजली गिरने, बाढ़, आंधी-तूफान, आग या किसी आकस्मिक दुर्घटना के कारण मृत्यु हो जाती है अथवा पशु पूर्ण रूप से स्थायी विकलांग हो जाता है, तो पात्र पशुपालक को बीमा क्लेम के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। 

इससे अचानक होने वाले वित्तीय नुकसान का प्रभाव कम होगा और पशुपालक अपने व्यवसाय को बिना अधिक आर्थिक दबाव के आगे बढ़ा सकेंगे।

वर्ष 2026-27 में लाखों पशुओं को मिलेगा बीमा सुरक्षा का लाभ

उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के अंतर्गत 2,28,350 दुधारू एवं अन्य पात्र पशुओं का बीमा कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार का प्रयास है कि योजना का लाभ राज्य के सभी पात्र किसानों और पशुपालकों तक पहुंचे, ताकि अधिक से अधिक पशुधन को बीमा सुरक्षा मिल सके। इस पहल से न केवल पशुपालकों का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि पशुपालन क्षेत्र में निवेश और उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।

बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत खर्च उठाएगी सरकार

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पशुपालकों पर बीमा प्रीमियम का अधिक बोझ नहीं पड़ेगा। योजना के तहत बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 15 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान लाभार्थी पशुपालक को करना होगा। 

सरकार की इस सहायता से छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी अपने पशुओं का बीमा कराना आसान होगा। इससे अधिक संख्या में पशुपालक इस योजना से जुड़ सकेंगे और भविष्य में होने वाले आर्थिक जोखिमों से स्वयं को सुरक्षित कर पाएंगे।

योजना के संचालन के लिए 60 करोड़ रुपये का बजट

मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 60 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इस राशि का उपयोग पशुओं के बीमा, बीमा क्लेम के भुगतान और योजना के प्रभावी संचालन के लिए किया जाएगा। पर्याप्त बजट उपलब्ध होने से योजना को सुचारु रूप से लागू करने और पात्र लाभार्थियों तक समय पर सहायता पहुंचाने में आसानी होगी।

डेयरी किसानों और पशुपालकों को कैसे मिलेगा लाभ?

यह योजना विशेष रूप से डेयरी व्यवसाय से जुड़े किसानों और पशुपालकों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। यदि किसी कारण से दुधारू पशु की मृत्यु हो जाती है या वह स्थायी रूप से विकलांग हो जाता है, तो बीमा के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता पशुपालक को नया पशु खरीदने और अपने डेयरी व्यवसाय को फिर से शुरू करने में मदद करेगी। 

इससे परिवार की आय पर अचानक पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकेगा और पशुपालन व्यवसाय में स्थिरता बनी रहेगी। साथ ही, किसानों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और वे पशुपालन को अधिक सुरक्षित व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।

मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना के प्रमुख लाभ

  • दुधारू एवं अन्य पात्र पशुओं की मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर आर्थिक सहायता।
  • महामारी, प्राकृतिक आपदा और आकस्मिक दुर्घटनाओं के जोखिम से वित्तीय सुरक्षा।
  • वर्ष 2026-27 में 2,28,350 पशुओं को बीमा सुरक्षा प्रदान करने का लक्ष्य।
  • बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत भुगतान राज्य सरकार और 15 प्रतिशत लाभार्थी द्वारा।
  • योजना के प्रभावी संचालन के लिए 60 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत।
  • छोटे एवं सीमांत किसानों, डेयरी संचालकों और पशुपालकों को आर्थिक राहत।
  • पशुपालन व्यवसाय को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल।

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