मध्य प्रदेश सरकार किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है। इसी दिशा में कृषि अभियांत्रिकी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए कुछ महत्वपूर्ण कृषि यंत्रों पर अनुदान देने के लिए किसानों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना के तहत पात्र किसानों को कृषि यंत्र की लागत पर 40% से 50% प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी।
इच्छुक किसान ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तारीख 28 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इसके बाद प्राप्त आवेदनों के आधार पर 29 जुलाई 2026 को कम्प्यूटरीकृत लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से पात्र किसानों का चयन किया जाएगा।
कृषि अभियांत्रिकी विभाग की ओर से इस योजना के तहत धान की खेती और गन्ना प्रबंधन से जुड़े आधुनिक कृषि उपकरणों को शामिल किया गया है। किसानों को पैडी यानी राइस ट्रांसप्लांटर के राइडिंग टाइप और वॉक बिहाइंड मॉडल पर अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा रिजर (Ridger) और शुगरकेन रेटून मैनेजर जैसे कृषि यंत्र भी योजना में शामिल हैं।
इन मशीनों का उपयोग खेती के काम को अधिक आसान और प्रभावी बनाने के लिए किया जाता है। आधुनिक कृषि यंत्रों के इस्तेमाल से किसानों को श्रम लागत कम करने, समय बचाने और कृषि कार्यों को तेजी से पूरा करने में मदद मिल सकती है।
योजना के तहत आवेदन करने वाले किसानों के लिए निर्धारित धरोहर राशि यानी डिमांड ड्राफ्ट (DD) जमा करना अनिवार्य किया गया है। किसान को ऑनलाइन आवेदन के दौरान डीडी की स्कैन कॉपी भी अपलोड करनी होगी। यह डीडी किसान के स्वयं के बैंक खाते से संबंधित जिले के "सहायक कृषि यंत्री" के नाम से बनवाया जाना चाहिए।
निर्धारित राशि से कम मूल्य का डीडी होने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है। पैडी ट्रांसप्लांटर राइडिंग टाइप के लिए ₹15,000, वॉक बिहाइंड टाइप के लिए ₹10,000, शुगरकेन रेटून मैनेजर के लिए ₹5,000 और रिजर के लिए ₹3,000 की धरोहर राशि निर्धारित की गई है।
एमपी ई-कृषि अनुदान योजना में किसानों की श्रेणी के आधार पर अलग-अलग अनुदान का प्रावधान किया गया है। लघु, सीमांत, महिला तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) वर्ग के पात्र किसानों को कृषि यंत्र की लागत का अधिकतम 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा सकता है।
वहीं, सामान्य वर्ग के किसानों को कृषि यंत्र की लागत का अधिकतम 40 प्रतिशत तक अनुदान मिलने का प्रावधान है। हालांकि, वास्तविक अनुदान राशि संबंधित कृषि यंत्र की लागत और विभागीय नियमों के अनुसार निर्धारित होगी। किसान ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर उपलब्ध सब्सिडी कैलकुलेटर के जरिए अपनी पात्रता और संभावित अनुदान राशि की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने होंगे। आवेदन के दौरान एग्री-स्टैक फार्मर आईडी (Farmer ID), आधार कार्ड, बैंक पासबुक के पहले पेज की प्रति और भूमि की बी-1 प्रति आवश्यक होगी। SC/ST वर्ग के किसानों को जाति प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।
ट्रैक्टर चालित कृषि यंत्रों के लिए ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन कार्ड भी जरूरी हो सकता है। इसके अलावा निर्धारित धरोहर राशि के डिमांड ड्राफ्ट की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी। सभी दस्तावेज स्पष्ट और सही होने चाहिए, ताकि आवेदन की जांच के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
इस बार आवेदन प्रक्रिया में एग्री-स्टैक फार्मर आईडी को विशेष रूप से अनिवार्य किया गया है। किसान की भूमि संबंधी जानकारी को पोर्टल से लिंक करने के लिए Farmer ID जरूरी है।
जिन किसानों ने अभी तक अपनी Farmer ID नहीं बनवाई है, उन्हें आवेदन करने से पहले एग्री-स्टैक पोर्टल पर भूमि का पंजीकरण कराकर Farmer ID प्राप्त करनी होगी। इसके बाद ही वे ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे। इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना अपनी Farmer ID और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार रखें।
मध्य प्रदेश के किसान ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जो किसान पहले से पोर्टल पर पंजीकृत हैं, वे आधार ओटीपी के माध्यम से लॉगिन करके संबंधित कृषि यंत्र के लिए आवेदन जमा कर सकते हैं।
वहीं, जिन किसानों का अभी तक पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हुआ है, उन्हें एमपी ऑनलाइन या CSC सेंटर पर जाकर बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से पंजीकरण कराना होगा।
आवेदन जमा करने से पहले किसान सभी जानकारी ध्यानपूर्वक जांच लें और दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करें। आवेदन पूरा होने के बाद उसकी रसीद या आवेदन क्रमांक सुरक्षित रखना भी जरूरी है।
कृषि यंत्र अनुदान योजना के तहत आवेदन करने वाले किसानों में से पात्र लाभार्थियों का चयन कम्प्यूटरीकृत लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए 28 जुलाई 2026 आवेदन की अंतिम तारीख है, जबकि 29 जुलाई 2026 को लॉटरी निकाले जाने की प्रक्रिया प्रस्तावित है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते आवेदन पूरा कर लें।
साथ ही, डिमांड ड्राफ्ट अपने ही बैंक खाते से बनवाएं और सभी दस्तावेजों की स्पष्ट प्रतियां तैयार रखें। चयन और योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान अपने ब्लॉक या जिला कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। आधुनिक कृषि यंत्रों पर मिलने वाला यह अनुदान किसानों के लिए खेती में नई तकनीक अपनाने और लागत व श्रम को कम करने का उपयोगी अवसर साबित हो सकता है।
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