राजस्थान सरकार ने पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत गाय, भैंस, भेड़, बकरी और ऊंट का पूरी तरह निशुल्क बीमा किया जा रहा है। सरकार के निर्देश अनुसार योजना के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसमें पशुपालक मोबाइल ऐप या पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत इस योजना को तेजी से लागू कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि पशुधन किसानों की आजीविका का आधार है और किसी भी प्राकृतिक या आकस्मिक हानि की स्थिति में यह बीमा पशुपालकों को बड़ी राहत देगा।
राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 की बजट घोषणा (बिंदु 132) के तहत इस योजना को शुरू किया है। इसके तहत:
का निःशुल्क बीमा किया जाएगा। योजना पर लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। किसी भी प्रकार की दुर्घटना या बीमारी से पशु की मृत्यु होने पर बीमा राशि के रूप में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना में प्रति जनाधार कार्ड:
का बीमा कराया जा सकता है। हर जिले के लिए अलग-अलग लक्ष्य भी तय किए गए हैं।
सरकार ने पशुओं का बीमा मूल्यांकन करने के लिए मानक निश्चित किए हैं:
दुधारू गायों के लिए दूध उत्पादन के अनुसार प्रति लीटर 3000 रुपये की दर से बीमा राशि तय की जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा 40,000 रुपये है। इसी प्रकार दुधारू भैंसों के लिए प्रति लीटर 4000 रुपये की दर से बीमा राशि निर्धारित की जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा 40,000 रुपये रखी गई है।
मादा बकरियों और मादा भेड़ों के लिए बीमा राशि अधिकतम 4,000 रुपये प्रति पशु तय की गई है। वहीं ऊंट के लिए अधिकतम 40,000 रुपये प्रति पशु बीमा राशि निर्धारित है। बीमा से संबंधित किसी भी विवाद की स्थिति में पशु चिकित्सक का निर्णय अंतिम माना जाएगा।
पशुपालकों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। आवेदन इस तरह कर सकते हैं:
रजिस्ट्रेशन पहले आओ, पहले पाओ आधार पर होगा और लक्ष्य पूरा होने पर पोर्टल अपने आप बंद हो जाएगा।
पशुपालन विभाग के अनुसार एक दिसंबर से गांवों में विशेष बीमा शिविर लगाए जाएंगे। बीमा एजेंट और पशु चिकित्सक मौके पर ही पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराएंगे। पशुपालकों से अनुरोध है कि जल्द से जल्द पंजीकरण करा लें, क्योंकि लक्ष्य पूरा होते ही प्रक्रिया बंद हो जाएगी।
राजस्थान सरकार की यह पहल उन सभी परिवारों के लिए बड़ी राहत है, जिनकी आजीविका पशुधन पर निर्भर है। रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं और सरकार हर गांव तक इसकी जानकारी पहुंचा रही है। इसलिए पशुपालक समय रहते अपने पशुओं का बीमा जरूर कराएं, ताकि किसी आकस्मिक नुकसान की स्थिति में उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके।
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