महाराष्ट्र के किसानों के लिए दिवाली से पहले आर्थिक सहायता, जानें किसे मिलेंगे ₹5,000

By : tractorbird Published on : 05-Nov-2026
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महाराष्ट्र के किसानों को दिवाली से पहले ₹5,000 की मदद, जानें राहत

महाराष्ट्र में सूखे और फसल नुकसान की मार झेल रहे किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने दिवाली से पहले प्रभावित किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में 5,000 रुपये देने का फैसला किया है। इसके साथ ही कर्ज वसूली के नाम पर किसानों को परेशान करने वाली माइक्रोफाइनेंस कंपनियों, बैंकों और साहूकारों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों को किसी भी तरह से प्रताड़ित करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार किसानों को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकालने के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी।

दिवाली से पहले किसानों के खाते में आएंगे 5,000 रुपये

उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने किसानों को दिवाली से पहले 5,000 रुपये की शुरुआती आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। यह राशि सूखे और फसल नुकसान से प्रभावित किसानों को तत्काल राहत पहुंचाने के उद्देश्य से दी जाएगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल यह शुरुआती मदद है। इसके बाद खेतों में हुए नुकसान का सर्वेक्षण कराया जाएगा और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर किसानों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने पर फैसला लिया जाएगा।

शिंदे ने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी महाराष्ट्र के किसानों को हर संभव मदद देने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे सूखे और आर्थिक परेशानियों के कारण निराश न हों तथा कोई भी गलत कदम उठाने से बचें। सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से समझ रही है और उन्हें अकेला नहीं छोड़ेगी।

कर्ज वसूली के नाम पर किसानों को परेशान करने वालों पर होगी कार्रवाई

महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को कर्ज वसूली के नाम पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाली वित्तीय कंपनियों और साहूकारों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने चेतावनी दी है कि यदि कर्ज वसूली के दबाव और प्रताड़ना के कारण किसी किसान ने आत्महत्या की, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सूखे जैसी गंभीर परिस्थितियों में किसानों से जबरन कर्ज वसूली करना उचित नहीं है। माइक्रोफाइनेंस कंपनियों, बैंकों और निजी साहूकारों को किसानों पर कर्ज चुकाने के लिए अनुचित दबाव नहीं बनाना चाहिए। यदि किसी किसान को वसूली के नाम पर परेशान किया जाता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शिंदे ने ये बातें नांदेड़ जिले के वाडी बुद्रुक में 100 बेड वाले उप जिला अस्पताल के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान कहीं। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी वित्तीय संस्था को संकट में फंसे किसानों का शोषण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

महाराष्ट्र की 304 तहसीलों में सूखे की स्थिति

महाराष्ट्र में 2026 के खरीफ सीजन के दौरान सूखे की स्थिति ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य की कुल 358 तहसीलों में से 304 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। इन प्रभावित क्षेत्रों में सूखे की गंभीरता का आकलन करने के लिए ट्रिगर-1 और ट्रिगर-2 लागू किए गए हैं। इन दोनों चरणों के माध्यम से बारिश की स्थिति, फसलों पर पड़ने वाले प्रभाव और सूखे की गंभीरता का मूल्यांकन किया जाता है।

सूखे के कारण किसानों को फसल उत्पादन में नुकसान के साथ-साथ आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। इसी स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने दिवाली से पहले 5,000 रुपये की शुरुआती सहायता देने का निर्णय लिया है। आगे फसल नुकसान के सर्वेक्षण के आधार पर अतिरिक्त राहत देने की योजना बनाई जाएगी।

कर्ज वसूली से परेशान किसान की मौत के बाद सरकार सख्त

नांदेड़ जिले में हाल ही में एक किसान की मौत का मामला सामने आने के बाद सरकार ने कर्ज वसूली करने वाली वित्तीय कंपनियों को सख्त चेतावनी दी है। जानकारी के अनुसार, किसान का शव एक वित्तीय कंपनी के कार्यालय में मिला था। मृतक किसान के परिवार ने आरोप लगाया कि उसने कंपनी से 10,000 रुपये का कर्ज लिया था, लेकिन कंपनी की ओर से उससे 70,000 रुपये की मांग की जा रही थी। इस घटना के बाद किसानों पर कर्ज वसूली के दबाव और वित्तीय संस्थाओं की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

सरकार ने साफ किया है कि किसानों की आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें प्रताड़ित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष: महाराष्ट्र सरकार का दिवाली से पहले किसानों को 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला सूखे और फसल नुकसान से प्रभावित किसानों के लिए तत्काल राहत का कदम है। साथ ही, फसल नुकसान के सर्वेक्षण के बाद अतिरिक्त मदद देने की योजना भी बनाई गई है। हालांकि, किसानों को सहायता मिलने के लिए पात्रता और भुगतान की आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना चाहिए।

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