फसलों में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी के लक्षण

By : Tractorbird News Published on : 08-Dec-2023
फसलों

जैसे कि एक व्यक्ति के शरीर को पोषक तत्वों की जरूरत होती है, पौधों को भी ग्रोथ करने के लिए कई पोषक तत्वों की जरूरत होती है। इन पोषक तत्वों से पौधे अपना विकास, प्रजनन और कई जीवाणु कार्य कर सकते हैं। पौधों को ये पोषक तत्व समय से नहीं मिलते, तो उनका विकास रुक जाता है। मुख्य रूप से इन पोषक तत्वों में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और पोटाश शामिल हैं।

फसल की पैदावार इन पोषक तत्वों की कमी से प्रभावित होती है। इनकी कमी होने पर किसानों को पर्याप्त उत्पादन नहीं मिल पाता। ऐसे में आज हम आपको फसलों के लिए महत्वपूर्ण कुछ पोषक तत्वों के बारे में बताएंगे। हम भी इनके लक्षणों को इस खबर में बताएंगे। तो आइए इन घटकों को विस्तार से बताते हैं।

  • फसलों में नाइट्रोजन की कमी होने पर दिखाई देने वाले लक्षण 

इस पोषक तत्व की कमी से पौधे हल्के हरे या हल्के पीले होकर बौने रहते हैं। पुरानी पत्तियां (हरितिमाहीन) पहले पीली हो जाती हैं। मोटे अनाज दाली फसलों में, मैं अग्रभाग से शुरू होकर मध्य शिराओं तक पत्तियों को पीला बनाता हूँ।

  • फसलों में फास्फोरस की कमी होने पर दिखाई देने वाले लक्षण 

पौधों की पत्तियां फास्फोरस की कमी के कारण छोटी रह जाती हैं, तथा पौधो का रंग गुलाबी होकर गहरा हरा हो जाता है। 

  • फसलों में पोटेशियम की कमी होने पर दिखाई देने वाले लक्षण

पोटेशियम की कमी से पुरानी पत्तियों के बाहरी किनारे कद फट जाते हैं और पीला या भूरा हो जाते हैं। ये लक्षण पत्तियों के अग्रभाग से यथ मक्का और ज्वार में दिखाई देते हैं।

  • फसलों में कैल्शियम की कमी होने पर दिखाई देने वाले लक्षण 

कैल्शियम की कमी प्राथमिक पत्तियों को प्रभावित कर देती है और देर से निकलती है। वहीं, शीर्ष कलियां बिगड़ती हैं। कैल्शियम कम होने पर मक्के की नोर्के चिपक जाती हैं।

  • फसलों में मैग्नीशियम की कमी होने पर दिखाई देने वाले लक्षण 

 जब फसल में मैग्नीशियम की कमी होती है, तो पत्तियों के अग्रभाग गहरा हरा हो जाता है और शिराओं के मध्य भाग सुनहरा पीला हो जाता है। अंत में, किनारे से अंदर की ओर लाल-बैंगनी धब्बे बनते हैं।

  • फसलों में सल्फर या गंधक की कमी होने पर दिखाई देने वाले लक्षण 

सल्फर या गंधक की कमी से फसल की पत्तियां, शिराओं सहित, गहरे हरे से पीले रंग में बदल जाती हैं और फिर सफेद हो जाती हैं। गंधक की कमी से नई पत्तियां सबसे पहले प्रभावित होती हैं।

  • फसलों में मैगनीज की कमी होने पर दिखाई देने वाले लक्षण 

इस पोषक तत्व की कमी से शिराएं हरी हो जाती हैं और पत्तियां पीला-घूसर या लाल घूसर हो जाती हैं। शिराओं के मध्य भाग और पत्तियों के किनारे हरितिमाहीन हो जाते हैं। अपने सामान्य आकार में ही हरितिमाहीन पत्तियां रहती हैं।

  • फसलों में बोरान की कमी होने पर दिखाई देने वाले लक्षण 

जब फसल में बोरान की कमी होती है, तो वर्धनशील भाग के पास की पत्तियां पीली हो जाती हैं। इसके अलावा, कलियां हल्के भूरे या सफेद मृत ऊतक की तरह दिखती हैं।

  • फसलों में जिंक की कमी होने पर दिखाई देने वाले लक्षण 

 जैसे-जैसे जिंक या जस्ता की कमी होती है, पत्तियों के शिराओं में मध्य हरितिमाहीन लक्षण दिखाई देते हैं और पत्तियों का रंग कांसा की तरह हो जाता है।

  • फसलों में आयरन/लोहा की कमी होने पर दिखाई देने वाले लक्षण 

नई पत्तियों में इस पोषक तत्व की कमी से पहले तने के ऊपरी भाग पर हरितिमाहीन के लक्षण दिखाई देते हैं। शिराओं को छोड़कर सभी पत्तियां पीली हो जाती हैं।यह कमी होने पर भूरे धब्बे या मृत ऊतक के लक्षण दिखाई देते हैं।

  • फसलों में तांबे की कमी होने पर दिखाई देने वाले लक्षण 

तांबे की कमी के साथ-साथ नई पत्तियां गहरी पीली हो जाती हैं और सूख जाती हैं। खाद्यान्न फसलों में गुच्छों की वृद्धि होती है, लेकिन शीर्ष पर दाने नहीं होते।

  • फसलों में मालिब्डेनम की कमी होने पर दिखाई देने वाले लक्षण

फसल में मालिब्डेनम की कमी होने पर नई पत्तियां सूख जाती हैं और हल्के हरे रंग की हो जाती हैं। पत्तियों के मध्य शिराओ को छोड़कर पूरी पत्तियों पर सूखे धब्बे हैं। नाइट्रोजन का सही उपयोग नहीं होने से पुरानी पत्तियां हरितिमाहीन होने लगती हैं।























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